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Mayur Patel loves Writing. He writes in English and Gujarati Languages. His first English Novel 'Vivek and I' was published by Penguin Books India. His second English Novel 'Scarlet Nights' will be released in March 2016. His first Gujarati Novel 'TarpanYatra' was episodically published in Gujarat Guardian Daily. It will be published by R R Sheth & Co. in February 2016. He has written Various Columns for Newspaper like Gujarat Guardian and Mumbai Samachar.

‘अलादीन’ फिल्म रिव्यूः मनोरंजन का तूफान
अरेबियन नाइट्स. अरबस्तान की कहानीयां. भारत की न होने के बावजूद भारतीयों को काफी जानी-पहेचानी, अपनी-सी लगनेवाली उन कहानीयों पर बनी एनिमेशन फिल्में तथा सिरियल्स हम सब देख चुके है, पसंद कर चुके है. (याद है ‘अलीबाबा और चालीस चोर’ तथा ‘सिंदबाद’?) कुल मिलाकर एक हजार एक कहानीयों के उस ‘अरेबियन नाइट्स गुलदस्ते’ की एक बहेतरिन कहानी है ‘अलादीन और जादूई चिराग’. वही कहानी अब लाइव एक्शन के रूप में बडे पर्दे पर आई है ‘अलादीन’ बनके. कैसी है ये फिल्म..? क्या ये फिल्म 1992 की उस क्लासिक डिजनी एनिमेशन फिल्म की अपार सफलता को दोहरा पाएगी..? क्या विल स्मिथ जिन्नी के रूप में दर्शकों का प्यार बटोर पाएंगे..? पश्चिमी दुनिया के अदाकार ‘अलादीन’ और ‘जास्मिन’ जैसे आइकोनिक एशियन पात्रों को किस हद तक न्याय दे पाएंगे..? चलिए जानते है फिल्म ‘अलादीन’ के रिव्यू के जरिए. पूरा रिव्यू पढने के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें…
https://www.matrubharti.com/book/read/content/19868049/film-review-aladdin

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फिल्म रिव्यू ‘दे दे प्यार दे’- उम्मीद से दुगना रोम-कोम मनोरंजन

‘प्यार का पंचनामा’ और ‘सोनु के टिटु की स्वीटी’ जैसी सफल रोमेन्टिक-कोमेडी फिल्में लिखने और डिरेक्ट करनेवाले ‘लव रंजन’ बतौर लेखक नई फिल्म लेकर आए है ‘दे दे प्यार दे’. अजय देवगन और तबु जैसे मंजेहुए कलाकार के साथ बनी ये फिल्म क्या सच में फिल्म के ट्रेलर जितनी मजेदार है? क्या इस रोमेन्टिक-कोमेडी फिल्म को दर्शक ‘प्यार’ देंगें? चलिए जानते है फिल्म के रिव्यू के जरिए. रिव्यू पढने के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें.
https://bit.ly/2JoeQj3

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‘स्टुडन्ट ऑफ द यर 2’ फिल्म रिव्यूः एक और ‘कलंक’

2012 की सुपरहिट ‘स्टुडन्ट ऑफ द यर’ ने हिन्दी फिल्म इन्डस्ट्री को आलिया भट्ट और वरुण धवन जैसे 2 रोकस्टार्स और सिद्धार्थ मलहोत्रा जैसा 1 फ्लोपस्टार दिया था. अब आया है उस फिल्म का दूसरा भाग ‘स्टुडन्ट ऑफ द यर 2’, जिसमें टाइगर श्रॉफ के साथ दो नई अदाकारा अनन्या पांडे और तारा सुतरिया डेब्यू कर रहीं है. कैसी है ये फिल्म? क्या ये फिल्म ‘स्टुडन्ट ऑफ द यर’ की सफलता को दोहरा पाएगी? या ये फिल्म भी करन जोहर के माथे का एक और ‘कलंक’ बनके रहे जाएगी? चलिए जानते है फिल्म ‘स्टुडन्ट ऑफ द यर 2’ के रिव्यू के जरिए. रिव्यू पढने के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें…
https://bit.ly/2WAMepy

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11 साल, 21 फिल्में और कई सारे सुपर हीरोज… मार्वेल युनिवर्सने एक के बाद एक ब्लोकबस्टर फिल्में देकर पूरी दुनिया के सिनेप्रेमीओं को खुश कर दिया था. और इस पूरी मार्वेल विरासत को समेट कर अब आई है इस युनिवर्स की २२वीं फिल्म ‘ऐवेंजर्स एंडगेम’. कैसी है ये फिल्म? क्या थेनोस को मारने का कोई रास्ता ढूंढ पाएंगे ऐवेंजर्स..? खोए हुए सुपर हीरोज क्या वापिस आ पाएंगे..? चलिए जानते है फिल्म के रिव्यू के जरीए. रिव्यू पढने के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें…
https://bit.ly/2L1ncP1

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‘कलंक’ फिल्म रिव्यू - भणसाली के हेंगओवर में बनी कमजोर ‘कलंक’

एक था करन जोहर. बडी बडी ब्लोकबस्टर फिल्मों का निर्देशन और निर्माण करके खूब पैसा बटोरने और भारतीय दर्शकों का खासा मनोरंजन करने के बावजूद कई बार वो अपने इन्टर्व्यू में कहेता था की, ‘मैं क्यूं ‘बर्फी’ जैसी क्लासिक फिल्में नहीं बना सकता? संजय लीला भणसाली बनाते है वैसी भव्य, मेग्नमओपस फिल्में मैं क्यूं नहीं बना सकता?’
तो जनाब जोहर ने आखिर तय कर ही लिया की अब मैं भी भणसाली बनके दिखाउंगा, मैं भी एक एसी महा…न फिल्म बनाउंगा की दर्शक देखते रह जाएंगे..! तो उन्होंने प्रोड्युस की ‘कलंक’.
कैसी है ये मल्टीस्टारर फ़िल्म? संजय लीला भंसाली की फिल्मों जैसी दिखने वाली 'कलंक' क्या सच में भंसाली की फिल्मों जितनी दमदार है? एक साथ 3 हिट फिल्म देने वाली आलिया-वरुण की जोड़ी का जादू क्या फिर एक बार दर्शको पर चलेगा? चलिए जानते है फिल्म के रिव्यू के जरीए. रिव्यू पढने के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें…
https://www.matrubharti.com/book/19866684/kalank-film-review

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जासूसी थ्रिलर फिल्म में सबसे ज्यादा जरूरी क्या होता है..? एक रोमांचक कहानी. ट्विस्ट से भरपूर स्क्रिप्ट. रोंगटे खडे कर देनेवाली परिस्थितियां और धमाकेदार एक्शन. ये सारी चीजें ‘उरी’ और ‘राजी’ जैसी फिल्मों में कूट कूट कर भरी पडी थी. ईसी वजह से वो दोनों फिल्म ब्लोकबस्टर साबित हुई थी. ‘रॉ’ भी एक जासूसी थ्रिलर है, तो क्या ईस फिल्म में भी वो सारी खूबीयां है? चलिए जानते है, फिल्म 'रॉ' के रिव्यू के जरीए.
रिव्यू पढने के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें...
https://www.matrubharti.com/book/read/content/19866258/film-review-raw

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Film review : GULLY BOY
'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' और 'दिल धड़कने दो' जैसी कमर्शियल और मसालेदार फिल्मों का निर्देशन कर चुकी जोया अख्तर का निर्देशन तो ‘गली बॉय’ में भी बहोत उमदा है, सभी कलाकारों से उन्होंने टोपक्लास अभिनय करवाया है, और फिल्म के टेक्निकल पासें भी एक नंबर है, लेकिन सबसे जरूरी होती है दमदार कहानी, और यहां ‘गली बॉय’ मार खा जाती है…
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https://bit.ly/2X33QuS

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फिल्म रिव्यूः ‘अलिटा: बेटल एंजेल’… दिल जीत लेगी ये ‘अलिटा’…

‘अलिटा: बेटल एंजेल’ में ज्यादा दिलचस्पी जागने का सबसे बडा कारण है ईस फिल्म के निर्माता जेम्स केमेरुन, जिन्होंने ईससे पहले ‘टाइटेनिक’ और ‘अवतार’ जैसी माइलस्टोन फिल्में बनाई थीं. न सिर्फ जेम्सने ‘अलिटा: बेटल एंजेल’ का निर्माण किया है बल्की ईस फिल्म की पटकथा भी उन्होंने (ए. कालोग्रिडिस के साथ मिलकर) लिखी है. जाहिर सी बात है की ‘अलिटा: बेटल एंजेल’ से अपेक्षाएं बहोत ज्यादा होगी. तो चलिए जानते है की कैसी है ये फिल्म…
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https://bit.ly/2DGYXiz

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મારી લઘુનવલ ‘મિસ્ટર ઇન્ડિયા’ પ્રકરણ – ૪…
રઘુ પુલ પર પાછો ફર્યો ત્યારે તેની બહાવરી આંખો પેલા દેવદૂતને શોધી રહી, પણ એ ક્યાંય ન જડ્યો. હવે બસ તે હતો અને તેના સુપરપાવર્સ. ટ્રેનિંગ દરમિયાન ઘણું બધું શીખવવામાં આવ્યું હતું. એ બધું જ તેના મનના કોઈ ખૂણામાં સંઘરાયેલું પડ્યું હતું. એ નીતિનિયમો મુજબ જ તેણે એ સુપરપાવર્સનો ઉપયોગ કરવાનો હતો. તેણે પુલ પરથી પસાર થતાં વાહનો પર ધ્યાન કેન્દ્રિત કર્યું અને એ સાથે જ તેને વાહનોમાં બેઠેલા લોકોના વિચારો સંભળાવા લાગ્યા. મનની વિવિધ લાગણીમાં ઝબોળાયેલા સેંકડો-હજારો વિચારોનો ધોધ જાણે કે તેના મનોજગતમાં વરસવા લાગ્યો…
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મારી લઘુનવલ 'મિસ્ટર ઇન્ડિયા' પ્રકરણ-૪
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