ए खुदा, यदि बड़े और समझदार होने से लोग बुरे और स्वार्थी भी हो जाते है, तो तू मुझे कभी भी बड़ा मत बनाना.

एक वख्त था जब उनसे बात करते नही थकते थे
आज वख्त है उनसे बात करने के लिए उनके जन्मदिन का इंतेजार करते है
आज उनके जन्मदिन पर कई दिनों का 12 बजने का इंतेजार खत्म हुआ
उनसे बात करने के लिए फ़ोन हाथ मे लिया
और कई उम्मीदों के साथ उन्हें जन्मदिन की बधाईया दी
सोचा था आज तो उनसे जरूर बात होगी
जवाब आया याद रखने के लिए शुक्रिया।
खैर छोड़ो। क्या हुआ अगर बात नही हुई
सपने में जी भर के मिल लेंगे।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था
न नींद आई, न वो।

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हमे तो सिर्फ तुम्हे खुश देखना है।
अगर तुम्हें वो खुशी मुझसे दूर रहकर मिलती है तो वो ही सही।

एक दिन उसने हमसे खुद से दूर हो जाने को कहा
दिल पे पत्थर रख के उससे दूर हो गए
आज भी तड़पते है उनकी याद में
सिर्फ तस्वीर देख के दिल बहलाने लगे
और आज उन्होंने कहा
तुमने हमे ऐसे छोड़ा जैसे तुम्हे इसी पल का इंतेजार था।

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जो दोनों कभी एक दूसरे से बात किये बिना रह नही सकते थे,
ऐसा क्या हो गया कि
आज वो दोनों एक दूसरे के status देखकर ही मन को मना रहे है।

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उनसे मिल तो नही सकते
न ही बात कर सकते है
सोचा आज जल्दी सो जाउ
सपनो में जरूर उनसे मुलाकात होगी
लेकिन सपने भी whats app पे उनके मैसेज का इंतेजार ही करते रहे।

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कभी कोई बेगुनाह गुनेहगार हो सकता है। जरूर पढ़ें। कमेंट करके आपके विचार जरूर बताइए।
Hi, Read this story 'बेगुनाह गुनेहगार 1' on Matrubharti
https://www.matrubharti.com/book/19861567/begunaah-gunehgaar-1

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ए खुदा !
कुछ पल की यादों में उन्हें हमारे करीब भेज दे।
थोड़ा वख्त उनके साथ बिताने दे।
जानते है नही है वो हमारे किस्मत में,
एक बार उन्हें तुमसे मांगने की जिद करने दे।
एक बार जी भर के रो लेने दे।

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kuchh baatein yaad ban kar rah gai
kuchh yaadein atit ban kar rah gai
jiske sath jina ek sapna tha
aaj unse baat karna bhi sapna ban gaya
bitaye the jo lamhe sath me vo raaz ban ke dil me hi sama gaya

चले गए वो हमें छोड़ के यह सोच कर की हम उनके बिना खुश रहेंगे।
और आज हम सिर्फ इसीलिए खुश रहते है ताकि वो हमें खुश देखकर खुश रहे।
उस रिश्ते को कोई नाम न दे सकेंगे जो तुमने हमारे साथ बनाया।
एक वादा जरूर निभाना की तुम हमेशा खुश रहोगे।
और हम भी ऐसे ही मुस्कुराते रहेंगे।

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