भावनाओं को शब्दों में ढ़ालने की छोटी सी कोशिश..

नज़दीकी भी कई दफ़ा दूरी का सबब बन जाती है,
मोहब्बत भी लिहाज़ छोड़ बेअदब बन जाती है,
सन्नाटा पसर जाता है दो दिलों के दरमियाँ,
फिर जिंदगी एक नामुकम्मल तलब बन जाती है,,

-Monika Agrawal

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