Myself Vineeta Parashar from Rajasthan. I love to write,read books. I express my feelings through writing.

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नादान हूं नादानियां कर जाती हूं
सबके चक्कर में तुझे भूल जाती हूं
तेरा बड़प्पन है कि, तू सम्भाल लेता है
मेरे गिरने से पहले तू थाम लेता है..❤️?

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थाम लेना हाथ मेरा, पीछे जो कभी छूट जाऊं
मना लेना मुझे जब भी, मैं तुमसे रूठ जाऊं
माना कि, मैं हूं थोड़ी सी नादान तो क्या
मैं वो तारा हूं जो आपकी हर आरजू के लिए टूट जाऊं..??

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हैं..जुदा इस मोड़ पर आकर तो क्या है
लम्हें कुछ बाकी हैं अब भी जिंदगी के
दर्द को दिल से लगाकर कर ही लेंगे
फिर नये अनुबंध तन्हाई से खुशी के..❤️❤️

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किसी और से नाता नहीं है हमारा
तुम्ही से रूठना तुम्ही से मुस्कुराना है हमारा
किसी और से इश्क नहींहै हमारा
तुम्ही से जीवन का अस्तित्व हमारा..??

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उदास हूं पर तुझसे नाराज़ नहीं
तेरे दिल में हूं पर तेरे पास नहीं
झूठ कहूं तो सब कुछ है मेरे पास
और सच कहूं तो तेरे सिवा
कुछ नहीं है मेरे पास..??

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