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हमारे दिल से निकलने का
रास्ता भी ना ढूंढ़ सके.....
जो कहते थे
तुम्हारी रग-रग से
वाकिफ है हम.

ख्वाब तो सब मीठे देखे थे ,,
ताज्जुब है ,,,
आँखों का पानी खारा कैसे हो गया ??

GM

-Ketan

"मुश्किल से दो क़दम चलें थे मेरे...साथ,,

पलकें झपक गई और वो बदल गए"...!!

अपनी तक़दीर के पैबंद सिया करते हैं,
हम उम्र नही काटते.... जिंदगी जिया करते हैं !

માણસ એ લડાઈ ક્યારેય જીતી નહીં શકે,
જેમાં દુશ્મન એના પોતાના હોય !!

कोई रूठे तो उसे जल्दी मना लिया करो दोस्तों...
गुरूर की जंग में अक्सर जुदाई जीत जाया करती है...

हम उस तकदीर के सबसे पसंदीदा खिलौना हैं

वो रोज़ जोड़ती है मुझे फिर से तोड़ने के लिए.

जब में खुश होता हूँ तो वो भी खुश होता हैं,
में बात आईने की कर रहा हूँ इंसान की नहीं।

नसीब ने पूछा बोल क्या चाहिए,
ख़ुशी क्या मांग ली, खामोश हो गया.