Born n brought up in RSS Parivaar. Primary education @ Saraswati Shishu Mandir. Once trained Plant Pathologist. Later shifted to Public Health.Won first Kadambini Sahitya Mahotsav prize for story, "Thake Hare" & many more later. VO artist. worked at AIR Lucknow. Writing - God gift.

नवरात्रि के पावन पर्व की बहुत-बहुत बधाई। जगत जननी मां जगदंबा आप सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार करें।

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#तुम्हारा साथ ही तो है,
जो मुस्कान बन अधरों पे तैरता है।
#तुम्हारा प्यार ही तो है,
जो किरण बन नयनों में दमकता है।
#तुम्हारा गीत ही तो है,
जो हृदय में धड़कन बन धड़कता है।
#तुम्हारा होना ही तो है,
जो देह में जीवन बन महकता है।

#कृष्ण

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श्यामल देह सजे,
पीत वसन,
जैसे,
सरसों फूली
हो बसंत में।।
पीताम्बरी उड़े
मोहन की,
जैसे
मस्त अनंग उड़े,
बसंत में।।

#पीला

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उसने प्रश्न किया,
विवाह दो आत्माओं का मिलन है।
और आत्मा अविनाशी है,
तो फिर,
वह #विधवा कैसे हो सकती है?
जब बंधन जन्म-जन्मान्तर का है,
तो फिर,
वह #विधवा कैसे हो सकती है?
जब शरीर केवल आत्मा का वस्त्र है,
तो प्रिय के,
नए वस्त्र की खोज में जाने से,
वह #विधवा कैसे हो सकती है?

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भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री @narendramodi जी को जन्मदिवस की अनन्त शुभकामनाएं 💐💐 मां भारती की कृपा सदा आप पर बनी रहे 🙏🙏

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हिंदी की कोख से जन्में,
हिंदी की गोद में पले,
हिंदी की कक्षा में पढ़े,
हिंदी के भावों में गढ़े,
समाज में जो बल हिंदी का,
वो बल हमारा.......
हम हिंदी की संतानें
मिलकर प्रण धारें.....
सबल करें हिंदी का बल...
इसे पल प्रतिपल में धारें

#हिंदी_दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

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प्रिय में घुलता जाता,
अस्तित्व.
ऐसा सघन प्रेम.
रहा आसक्ति रहित।
सम्पूर्ण समर्पण,
आराध्य को,
ऐसी अप्रतिम भक्ति,
वरदान की इच्छा रहित।
मुरली धुन से ध्यान,
साधना प्रबल,
निष्काम कर्म सी।

#राधिका #योगिनी
#शुभ_राधाष्टमी

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कितनी बार,
भुवनमोहिनी मुस्कान के साथ,
कमलनयनों में
असंख्य समुद्रों की गहराई भरकर,
पूछा था तुमने,
कौन हो "तुम"?

शून्य में टकराकर,
तिरोहित हो जाता
ये प्रश्न, हर बार...
कौन हूँ "मैं"?

कई युगों में ढूंढते,
अब पाया
जब कभी,
सम्पूर्ण प्रेम
सहज साख्यभाव
सम्पूर्ण भक्ति
एक साथ तुम में घुल जाती है,
तब मैं बनती हूँ।

तुम्हारे अनन्त विस्तार का,
एक नन्हा सा कण।।

#कृष्ण

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सब कुछ एकदम वैसा ही है
कुछ भी नहीं बदला ...
हम कहते रहते हैं,
तुम सुनते रहते हो.
हम उलझ जाते हैं,
तुम सुलझा देते हो.
तुम चाह लेते हो,
हम कर देते हैं.
हम बिखरने लगते हैं,
तुम संभाल लेते हो.
यूँ ही हर दिन हर पल
साथ साथ बीतता है,
हमेशा की तरह...
बस एक छटपटाहट सी होती है
जब हम शरारत से,
तुम्हारे सलीकेदार बाल,
अपनी उँगलियों से बिगाड़ नहीं पाते..
लेकिन, कोई बात नहीं
तुम भी तो, अपने हाथ
हमारे काँधे पर नहीं रख पाते...
ये बात ध्यान में आते ही
हमारी छटपटाहट साझी हो जाती है
और हमारे बीच सब कुछ
एक-रस हो जाता है
जैसा हमेशा था
साझा, न हमारा न तुम्हारा
और हम फिर ...
अगले पल साथ जीने लगते हैं....

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जानते हो #कृष्ण ,
मुझे लगता है,
तुम, एक ठहरा हुआ क्षण हो ।
मैं उसी एक क्षण में स्थिर होकर जीती हूं।
उससे पहले भी विराट शून्य है
और उसके आगे भी।
अर्थात, सम्पूर्ण सृष्टि में
सिर्फ तुम हो,
और तुम में जीती मैं हूँ।।
#कृष्ण

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