Like to write But took a long pause from it Now wanna resume my writtings and would Like to publish them If found situable

तुम्हारे प्यार का रिश्ता बहुत तुमसे पुराना है।
जो बीत गए पल छिन
वो एक गुजरा जमाना है।
तुम्हारी फिक्र में ख़ामोशियों ने ओढ़ ली चादर,
वफा हमने निभाई है
भला क्या आजमाना है??
नमिता "प्रकाश"

-Namita Gupta

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शरारत तुम्हारी भी कुछ कम नहीं है
तेरी चाहतों में इतना दम नहीं है।
मुझ पर से अपनी ना नजरें हटाना,
तुझे माफ करना यह मुमकिन नहीं है।
नमिता"प्रकाश"

-Namita Gupta

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मोहब्बत में ना किसी का इंतजार कीजिए!
एक दूसरे से खुलकर इजहार कीजिए!!
क्या पता वक्त कब यह ठहर जाएगा,
बेपनाह इश्क है दिलों से इकरार कीजिए!!

-Namita Gupta

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कविता दिवस पर चंद पंक्तियां--

कविता भावों की जननी !
लय-शब्दों की तरंगिनी !!
कविता संग ही अपनी !
मन से मन की संगिनी !!
कविता ही मेरी लेखनी !
कविता दिल की सजनी !
कविता मंजिल की प्रियदर्शनी !!

कविता दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं !

-Namita Gupta

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जिंदगी में उलझने है बहुत,
छोटी-छोटी खुशियों ने जीना सिखा दिया।
दर्द की बातें करके कुछ मिलेगा नहीं,
मुस्कुराकर के जीने में है मजा, यह जता दिया।।

-Namita Gupta

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जो मिला है उसकी ख्वाहिश नहीं होती।
प्यार के पलों की नुमाइश नहीं होती।।

-Namita Gupta

इकरार की हदों तक इन्कार कर रहे हो।
फिर क्यों कहते हो कि प्यार कर रहे ??

-Namita Gupta

मेरे होकर भी तुम मेरे नही हो।
धूप छांव के बादल तुम घ मेरे नहीं हो

-Namita Gupta

कैसे कहूं मैं जांना तुमसे वफा नहीं?
तुम बेवफा हो कातिल ,पर तुझसे खफा नहीं।।

-Namita Gupta

मुस्कुराहटों पर दिले-जां- निसार था।
तेरे वादों पर मुझको भी इकरार था।।
तुझ पर हम तो यूं ही लुटते रहे,
तेरे दिल से सनम मुझको प्यार था।

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