Like to write But took a long pause from it Now wanna resume my writtings and would Like to publish them If found situable

प्यार की दास्तां कहते कहते ,
दिल के जख्म और गहरे हो गए।
जब सुनाने लगे मुकद्दर की बात,
ना जाने कैसे वह बहरे हो गए ।।
नमिता "प्रकाश"

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जिंदगी उम्मीदों पर ही जिंदा है ।
तभी तो मन उड़ता हुआ परिंदा है।।
नमिता "प्रकाश"

नजरों का करम नजरों का सितम ।
इन नजरों के दीवाने हैं हम ।।

दर्द है अपना किसी गैर का नही ।
हो जाओं तुम अपने किसी औंर के नहीं ।।
नमिता "प्रकाश"

मैंने कहा बीमार हूं दवा दीजिए !
उसने मुस्कुरा कर कहा
मुझे देख लीजिए !!

कपड़े और चेहरे अकसर
झूठ बोला करते हैं !!
इंसान की असलियत
तो वक्त बताता है!!!!

"हमवतन", को मातृभारती पर पढ़ें :
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हथेली पर जो नाम लिखा था तेरा ।
उसे नसीबों ने धोकर जुदा कर दिया ।।
नमिता "प्रकाश"

सितारों के आगे भी एक जहाँ है ।
क्या मोहब्बत वहाँ भी है जवां है ??