Like to write But took a long pause from it Now wanna resume my writtings and would Like to publish them If found situable

मेरी चाहतों के अल्फाज नहीं है।
तुझे प्यार का एहसास नहीं है।।

-Namita Gupta

तुझे भूल जाऊं यह आदत नहीं है।
अपनी बात से मुकरने की इजाजत नहीं है।।

-Namita Gupta

साथ चल कर भी जो साथ नहीं हो,
हाथों में थामें हाथ नहीं हो।
पास रहकर भी जो दूर रहे
हमदम बन कर हम राज नही हो।।

-Namita Gupta

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एहसासों के साए में जब अपने बेगाने लगते हैं।
हर चेहरे पर ‌शक-औ-शुबह सभी सयाने लगते हैं।।

-Namita Gupta

हसरतों को चाहा था मैंने इस कदर।
चाहत के नशे में हो गए थे बेखबर।
दीवानगी का आलम पूछो ना जानम।।
होश में आए जब दिखा रूसवाई का असर।।

-Namita Gupta

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खामोश नजारों में बदहाल सूरते हैं।
कहने कों यह जिंदा मूरते हैं।।

-Namita Gupta

औरों पर तोहमत लगाने वालोें
अपनी फितरत को देखो,
दूसरों की कमियां ना देखो पहले खुद के भीतर झांकों।।

-Namita Gupta

तेरे हर सवाल का जवाब मुझको भी देना आता है।
देखकर तेरा मासूम चेहरा फिर मन बदल जाता है।।
नमिता "प्रकाश"

-Namita Gupta

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तुझे चाहना ही इबादत मेरी है ।
तुझे भूलने की इजाजत नहीं है।
तेरे सीने में धड़के दिल यह हमारा,
तू पत्थर का बेजुबां बुत नहीं है।।

-Namita Gupta

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खामोशियों ने मुझको इल्जाम दे दिया।
चाहत ने तेरी कान्हा
बदनाम कर दिया।।
नमिता "प्रकाश"

-Namita Gupta