Meri chahat tumshe hi

अब मुझे पागल होने का अहेसास होता है

जब अंधेरों में ही चहेरा मुझे तेरा दिखता है ।।

नरेन्द्र परमार " तन्हा "

Read More

कभी कभी में निशब्द हों जाता हूं

तुम सामने होते हुए भी ?

में कूच नहीं बोल पाता हूं ।।

नरेन्द्र परमार " तन्हा "

Read More

ठंड का मौसम है आजकल
ठंड तो लगेंगी मुझे
कमी तो सिर्फ तुम्हारी है
ठंड तो दुगना हीं लगेंगी मुझे ।।

नरेन्द्र परमार " तन्हा "

Read More

इस अंधेरी कोटड़ी में आज़ जान जाएंगी मेरी
तुम आ जाओ पास मेरे ?
नहीं तो आज़ मौत आएगी मेरी ।।

नरेन्द्र परमार " तन्हा "

Read More

हंम तो कम उम्र में ही मर गए
तुमसे इश्क़ करके
हंम तो जिंदा हीं जल गए ।।

नरेन्द्र परमार " तन्हा "

આજકાલમાં હું મરી જઈશ

એવું લાગે છે મને ...

તું મળીશ તો હું જીવી જઈશ

એવું લાગે છે મને ....

નરેન્દ્ર પરમાર " તન્હા '

Read More

मेरे मायूस चहेरे की वज़ह मत पूछ
वज़ह तुम हो,अब नाम मत पूछ ।।

नरेन्द्र परमार " तन्हा "

कितना भी तुम सितम करलें मुझ पर

में कहीं नहीं जाउंगी

मेरे मरने के बाद भी, में तुम्हारे पीछे आउंगी ।।

नरेन्द्र परमार " तन्हा "

Read More

वीरानी यां हर किसी के क़िस्मत में थोड़ा होता है
मेरे जैसा हर कोई शख्स
इश्क़ में बदकिस्मत थोड़ा होता है ।।

नरेन्द्र परमार " तन्हा "

Read More

अब साफ़ साफ़ बात कहें ना तुझे
अब तेरे बगैर नहीं जीना है मुझे ।।

नरेन्द्र परमार " तन्हा "