Hey, I am on Matrubharti!

बावली हूं मैं इसकी दवा ढूंढती हूं
मुस्कुराते चेहरों का गम ढूंढती हूं
✍️ निमिषा

-Nimisha

यूं दूर जाकर हमसे आप क्या पाएंगे
बिन हमारे अधूरे थे अधूरे ही रह जाएंगे
✍️ निमिषा

हर दिन हर पल मुझसे मुकाबला करती है जिंदगी
कभी हंसाती तो कभी रूलाती है जिंदगी
✍️ निमिषा

मेरे इश्क की आह से बच न पाओगे
जाओ चाहे जहां लौट कर आओगे
✍️ निमिषा

बेपर्दा हो गए तमाम रसूखदार शहर के
सरे बाजार जब तोड़े घुंघरूं इक तवायफ ने
© निमिषा

टूटे हुए जज़्बातों को कौन जोड़ पाया है
क़िस्मत की लकीरों को कौन मोड़ पाया है
जो किस्मत में लिखा हो वही मिलता है
उससे ज्यादा यहां किसने पाया है
✍️ निमिषा

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महबूब की सूरत पर नहीं सीरत पर मरिये।
गुनाह ए इश्क़ को बड़ी शिद्दत से करिये
© निमिषा

ज़िन्दगी की किताब पढ़ी है इस क़दर
चेहरे तमाम नज़र आने लगे हैं असल
@निमिषा

श्रावण मास की हार्दिक शुभकामनाएं।

रुह खूबसूरत थी ग़म के समंदर में डूब गई
जिस्म की खूबसूरती नीलाम होती रही
कोसती रही वो माँ अपने आप को
जिसकी बेटी महफिलों की शान हो गई
@निमिषा

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