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ओफ्फ़! कल शाम ही तो वह यहाँ आया है. पर ऐसा लग रहा है मानो हफ़्तों से नज़रबंद है यहाँ. कैसे रह पाते हैं लोग, भला इन छोटे कस्बों में? ठीक है पहले यहाँ एक आदिम बस्ती थी. पर ...Read More

अभिषेक, एक पत्रिका में कोई रिपोर्ट लिखने के उद्देश्य से एक कस्बे में आता है. पर वहाँ की धीमी गति से गुजरते जन जीवन से एक दिन में ही बहुत ऊब जाता है. तभी एक दुकान पर उसे एक ...Read More

अभिषेक, एक पत्रिका में कोई रिपोर्ट लिखने के उद्देश्य से एक कस्बे में आता है. पर वहाँ की धीमी गति से गुजरते जन जीवन से एक दिन में ही बहुत ऊब जाता है. तभी एक दुकान पर उसे एक ...Read More

अभिषेक, एक पत्रिका में कोई रिपोर्ट लिखने के उद्देश्य से एक कस्बे में आता है. वहाँ एक दुकान पर उसे एक नारी कंठ सुनायी देता है. वह चेहरा नहीं देख पाता. उसे शची की आवाज़ लगती है और वह ...Read More

अभिषेक, एक पत्रिका में कोई रिपोर्ट लिखने के उद्देश्य से एक कस्बे में आता है. वहाँ एक दुकान पर उसे एक नारी कंठ सुनायी देता है. वह चेहरा नहीं देख पाता. उसे शची की आवाज़ लगती है और वह ...Read More

अभिषेक, एक पत्रिका में कोई रिपोर्ट लिखने के उद्देश्य से एक कस्बे में आता है. वहाँ उसे शची जैसी ही. आवाज़ सुनायी देती है और वह पुरानी यादों में खो जाता है कि शची नयी नयी कॉलेज में आई ...Read More

अभिषेक, एक पत्रिका में कोई रिपोर्ट लिखने के उद्देश्य से एक कस्बे में आता है. वहाँ उसे शची जैसी ही. आवाज़ सुनायी देती है और वह पुरानी यादों में खो जाता है कि शची नयी नयी कॉलेज में आई ...Read More

अभिषेक, एक पत्रिका में कोई रिपोर्ट लिखने के उद्देश्य से एक कस्बे में आता है. वहाँ उसे शची जैसी ही. आवाज़ सुनायी देती है और वह पुरानी यादों में खो जाता है कि शची नयी नयी कॉलेज में आई ...Read More

अभिषेक, को शची जैसी ही. आवाज़ सुनायी देती है और वह पुरानी यादों में खो जाता है कि शची नयी नयी कॉलेज में आई थी. शुरू में तो शची उसे अपनी विरोधी जान पड़ी थी पर धीरे धीरे वह ...Read More

अभिषेक, एक कस्बे में शची जैसी आवाज़ सुन पुरानी यादों में खो जाता है. शची नयी नयी कॉलेज में आई थी. शुरू में तो शची उसे अपनी विरोधी जान पड़ी थी पर धीरे धीरे वह उसकी तरफ आकर्षित हुआ. ...Read More

अभिषेक, एक कस्बे में शची जैसी आवाज़ सुन पुरानी यादों में खो जाता है. शची नयी नयी कॉलेज में आई थी. शुर में शचे ने उपेक्षा की पर फिर वे करीब आ गए. पर उनका प्यार अभी परवान चढ़ा ...Read More

अभिषेक, किताबों में डूबने की पुरजोर कोशिश करता पर कहाँ मिल पाती कामयाबी? मन भटकता रहता और वह किताबें छोड़ कोई रेकॉर्ड लगाने लगता. दो मिनट भी नहीं सुनता कि खीझ होने लगती. सोचता छत पर टहलना ठीक रहेगा. ...Read More

सुबह थोड़ी देर से ही आँख खुली, चाय लेकर आने वाले लड़के ने बताया कि कोई उसका नीचे हॉल में इंतज़ार कर रहा है. बहुत आश्चर्य हुआ उसे. गेस्ट हाउस के मैनेजर को छोड़कर, उसके यहाँ आने की खबर ...Read More

शची के यहाँ से निकला.... निरुद्देश्य सा इधर उधर भटकता रहा थोड़ी, देर... कुछ लोगों से बातें की... मन में भले ही झंझावात चल रहें हों.. पर प्रोफेशनल ड्यूटी तो निभानी ही है... जिस काम के लिए आया है, ...Read More