Childhood Friends by unknownauther

Childhood Friends by unknownauther in Hindi Novels
शुरुआत जो किस्मत बन गईभोपाल की सुबहों में एक अलग सुकून होता है। हल्की ठंडी हवा, दूर मंदिर की घंटियों की आवाज़, और गलियों...
Childhood Friends by unknownauther in Hindi Novels
भोपाल की रात शांत थी।लेकिन विवान के कमरे में सब कुछ शांत नहीं था।उसके फोन की स्क्रीन पर वही तस्वीर चमक रही थी। शिवाय जिम...
Childhood Friends by unknownauther in Hindi Novels
सच, झूठ और फैसलासुबह का समय था।शिवाय बालकनी में खड़ा था। भोपाल की हल्की ठंडी हवा चल रही थी, लेकिन उसके अंदर सब कुछ उथल-प...