बिसात का आखिरी मोहरा by Aarti Garval in Hindi Novels
रुद्रपुर की पहाड़ियों पर आज रात आसमां से पानी नहीं, बल्कि साक्षात कहर बरस रहा था। बादलों के गरजने की गूँज ऐसी थी मानो पहा...
बिसात का आखिरी मोहरा by Aarti Garval in Hindi Novels
कमरे में फैली सन्नाटे की चादर को सिर्फ बाहर के तूफान का शोर चीर रहा था। इंस्पेक्टर समीर ने मेज पर अपनी पिस्तौल रख दी थी।...
बिसात का आखिरी मोहरा by Aarti Garval in Hindi Novels
कमरे के भीतर फैली सन्नाटे की चादर को सिर्फ बाहर के तूफान का शोर चीर रहा था। इंस्पेक्टर समीर ने अपनी पिस्तौल को कसकर पकड़...
बिसात का आखिरी मोहरा by Aarti Garval in Hindi Novels
पुस्तकालय के शीशों पर रात भर से हो रही मौत की दस्तक अब थमती हुई महसूस हो रही थी। बाहर बादलों का गरजना बंद हो चुका था और...
बिसात का आखिरी मोहरा by Aarti Garval in Hindi Novels
पहाड़ी की ढलान पर सुबह की ताजी हवा अब और ठंडी हो चुकी थी। सूरज बादलों के पीछे छिपा था, जिससे चारों तरफ एक अजीब सी नीली-स...