भूतिया कुआ देखने का सफर by Tejendragodara in Hindi Novels
कॉलेज की छुट्टियां होते ही हम पांच दोस्तों—मैं, रोहित, नितिन, स्नेहा और अंजलि ने कुछ ऐसा करने का सोचा जो हमारी बोरिंग जि...
भूतिया कुआ देखने का सफर by Tejendragodara in Hindi Novels
जैसे-जैसे हम उस वीरान और भुतहा गांव 'काला खोह' के अंदर बढ़ रहे थे, रूह कंपा देने वाली ठंडक बढ़ने लगी थी। जून के मह...
भूतिया कुआ देखने का सफर by Tejendragodara in Hindi Novels
उन सड़े हुए हाथों के नाखून कम से कम छह-छह इंच लंबे थे और उनमें से पीला मवाद टपक रहा था। यह कोई वहम नहीं था, मौत साक्षात...
भूतिया कुआ देखने का सफर by Tejendragodara in Hindi Novels
हम चारों हांफते हुए झटके से कार के अंदर घुसे और सारे दरवाजे अंदर से लॉक कर दिए। रोहित के हाथ इस कदर कांप रहे थे कि वह का...
भूतिया कुआ देखने का सफर by Tejendragodara in Hindi Novels
मेरा पूरा शरीर डर के मारे कांपने लगा था। मेरे माथे से पसीने की बूंदें टपक रही थीं। मैंने बहुत डरते-डरते अपने हाथ में पकड...