Read Best Novels of 2025 and Download free pdf

You are at the place of Hindi Novels and stories where life is celebrated in words of wisdom. The best authors of the world are writing their fiction and non fiction Novels and stories on Matrubharti, get early access to the best stories free today. Hindi novels are the best in category and free to read online.


Languages
Categories
Featured Books

Dont Look Behind the Mirror By Alfha production house

कहानी - गाँव नहीं, भूतों का भंडार

मैं हूँ रोहन शेखर, मैं 10वीं जमात का छात्र हूँ और दिल्ली में अपने परिवार के साथ रहता हूँ। मेरे छोटे भाई का नाम रोहन शेखर है, मेरी बड़ी बहन का ना...

Read Free

खामोशी की धुन By Anime Toons

अम्बरपुर शहर में समय जैसे सुस्ताने के लिए ठहर जाता था। यहाँ की सड़कें टेढ़ी-मेढ़ी थीं और हवा में हमेशा देवदार के पेड़ों की ताज़गी और गीली मिट्टी की सोंधी महक बसी रहती थी। इसी शहर क...

Read Free

‎समर्पण से आंगे By vikram kori

सुबह के छह बज रहे थे।
‎शहर अभी पूरी तरह जागा नहीं था, लेकिन अंकित की ज़िंदगी में नींद के लिए जगह कब की खत्म हो चुकी थी।

‎किराए के छोटे से कमरे में रखे एक पुराने से पलंग पर वह...

Read Free

Adhura sach...Siya By fiza saifi

ज़िंदगी में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घट जाती हैं जो हमारी अक़्ल और समझ से बाहर होती हैं। आप मानें या न मानें, लेकिन उन बातों को नकारा नहीं जा सकता। वे अपने आप को सच साबित कर ही देती हैं।...

Read Free

रेड कोर By Md Siddiqui

आरव एक साधारण सा युवक था। सुबह काम पर जाना, शाम को बाइक से शहर की सड़कों पर घूमना और रात को अपने छोटे से कमरे में थक कर सो जाना — यही उसकी ज़िंदगी थी। उसे नहीं पता था कि उसकी यह सा...

Read Free

ट्रिपलेट्स By Raj Phulware

अमर – प्रेम – राज
अध्याय 1 : अंधेरी रात, एक माँ और अधूरा सच
बरसात की वह रात जैसे पूरे शहर पर बोझ बनकर उतरी थी।
आसमान में बादल नहीं, बल्कि काले इरादे तैर रहे थे।
कभी तेज़ बिजली...

Read Free

वैदही By khwahishh

धूप का हल्का पीला रंग खेतों की मेड़ों पर फैल रहा था। कहीं दूर एक बच्ची मिट्टी से सनी किताब लेकर भागती हुई आ रही थी। उसके नंगे पाँवों से धूल उड़ रही थी, चेहरे पर मासूम पसीना, मगर आँ...

Read Free

जहाँ से खुद को पाया By vikram kori

गाँव की सुबह हमेशा की तरह शांत थी। हल्की धूप खेतों पर फैल रही थी, हवा में मिट्टी की सोंधी खुशबू घुली हुई थी। वह उसी गाँव में पला-बढ़ा था, सयुग जहाँ हर कोई एक-दूसरे को नाम से जानता...

Read Free

चंदनी By Raj Phulware

सुनहरे चंदन के पेड़ों की लंबी कतारों के बीच, एक छोटी-सी गुफा थी—शांत, ठंडी और सुगंध से भरी हुई। वही थी चंदनी का घर, चंदनवन की रक्षिणी।
न जाने कितने वर्षों से वह अकेले ही इस विशाल...

Read Free

सर्जा राजा By Raj Phulware

(बैलों का महान मेला – शुरुआत)

लेखक राज फुलवरे

अध्याय 1 – बैलों का सबसे बड़ा मेला

सुबह का सूरज अभी धीरे-धीरे आसमान में चढ़ रहा था।
एक हल्की-सी गुलाबी रोशनी खेतों पर फैल चु...

Read Free

Dont Look Behind the Mirror By Alfha production house

कहानी - गाँव नहीं, भूतों का भंडार

मैं हूँ रोहन शेखर, मैं 10वीं जमात का छात्र हूँ और दिल्ली में अपने परिवार के साथ रहता हूँ। मेरे छोटे भाई का नाम रोहन शेखर है, मेरी बड़ी बहन का ना...

Read Free

खामोशी की धुन By Anime Toons

अम्बरपुर शहर में समय जैसे सुस्ताने के लिए ठहर जाता था। यहाँ की सड़कें टेढ़ी-मेढ़ी थीं और हवा में हमेशा देवदार के पेड़ों की ताज़गी और गीली मिट्टी की सोंधी महक बसी रहती थी। इसी शहर क...

Read Free

‎समर्पण से आंगे By vikram kori

सुबह के छह बज रहे थे।
‎शहर अभी पूरी तरह जागा नहीं था, लेकिन अंकित की ज़िंदगी में नींद के लिए जगह कब की खत्म हो चुकी थी।

‎किराए के छोटे से कमरे में रखे एक पुराने से पलंग पर वह...

Read Free

Adhura sach...Siya By fiza saifi

ज़िंदगी में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घट जाती हैं जो हमारी अक़्ल और समझ से बाहर होती हैं। आप मानें या न मानें, लेकिन उन बातों को नकारा नहीं जा सकता। वे अपने आप को सच साबित कर ही देती हैं।...

Read Free

रेड कोर By Md Siddiqui

आरव एक साधारण सा युवक था। सुबह काम पर जाना, शाम को बाइक से शहर की सड़कों पर घूमना और रात को अपने छोटे से कमरे में थक कर सो जाना — यही उसकी ज़िंदगी थी। उसे नहीं पता था कि उसकी यह सा...

Read Free

ट्रिपलेट्स By Raj Phulware

अमर – प्रेम – राज
अध्याय 1 : अंधेरी रात, एक माँ और अधूरा सच
बरसात की वह रात जैसे पूरे शहर पर बोझ बनकर उतरी थी।
आसमान में बादल नहीं, बल्कि काले इरादे तैर रहे थे।
कभी तेज़ बिजली...

Read Free

वैदही By khwahishh

धूप का हल्का पीला रंग खेतों की मेड़ों पर फैल रहा था। कहीं दूर एक बच्ची मिट्टी से सनी किताब लेकर भागती हुई आ रही थी। उसके नंगे पाँवों से धूल उड़ रही थी, चेहरे पर मासूम पसीना, मगर आँ...

Read Free

जहाँ से खुद को पाया By vikram kori

गाँव की सुबह हमेशा की तरह शांत थी। हल्की धूप खेतों पर फैल रही थी, हवा में मिट्टी की सोंधी खुशबू घुली हुई थी। वह उसी गाँव में पला-बढ़ा था, सयुग जहाँ हर कोई एक-दूसरे को नाम से जानता...

Read Free

चंदनी By Raj Phulware

सुनहरे चंदन के पेड़ों की लंबी कतारों के बीच, एक छोटी-सी गुफा थी—शांत, ठंडी और सुगंध से भरी हुई। वही थी चंदनी का घर, चंदनवन की रक्षिणी।
न जाने कितने वर्षों से वह अकेले ही इस विशाल...

Read Free

सर्जा राजा By Raj Phulware

(बैलों का महान मेला – शुरुआत)

लेखक राज फुलवरे

अध्याय 1 – बैलों का सबसे बड़ा मेला

सुबह का सूरज अभी धीरे-धीरे आसमान में चढ़ रहा था।
एक हल्की-सी गुलाबी रोशनी खेतों पर फैल चु...

Read Free