कहां से लाऊं वो शब्द "कान्हा" जो तुम्हें बता सकें कि मैं शायर कम तेरी दिवानी ज्यादा हूँ ।

હોય ભલે ગમે તેટલો આપણી વચ્ચે વાદ વિવાદ,

હોઠ ભલે ખામોશ રહે છે છતાંય આંખો કરે સંવાદ!!

-Parmar Geeta

અમૂક દર્દોની એવી આદત પડી જાય છે,

કે હવે આ દર્દ ના હોય તો દર્દ થાય છે...!!

-Parmar Geeta

हर वक्त रहता है जुबां पर तेरा ही नाम,

श्याम नाम के सिवा नहीं कोई सुंदर काम..!!

-Parmar Geeta

तेरे दिये गये जहर को जाम समझ कर हम पी गयें..,

हजारों गम मिले जिंदगी में हम फिर भी जी गयें..!!

-Parmar Geeta

जग - मग, जग - मग चारों तरफ रोशनी सी छाई है..,

शायद यह दिवाली जिन्दगी की नई सुबह लाई हैं..!!

-Parmar Geeta

વિરહ તણી એ વેદના કેમેય કરીને અમે સહી ના શક્યા..

અધરો સુધી આવ્યાં એ શબ્દો પણ અમે કહી ના શક્યા..!!

-Parmar Geeta

कहता जगत यह सारा राधा - कृष्ण का प्रेम रह गया आधा..,

किन्तु वह प्रेम कैसे हुआ आधा जिसने स्वयं प्रेम को साधा..!!

-Parmar Geeta

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प्रेम वो नहीं जो दुनिया को दिखाया जाये ...,

सच्चा प्यार वहीं है जो दिल से निभाया जाये...!!

-Parmar Geeta

छीन लूं तुझे इस दूनिया से यह बात तो मेरे वश में नहीं..,

मगर...

कोई निकाल सकें तुझे मेरे दिल से ये किसी के बस में नहीं..!!

-Parmar Geeta

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काश कोई तो समझ पाता इस दिल की गहराई को,

काश कोई तो होता जो मिटा सकता इस तन्हाई को!!

-Parmar Geeta