उन लोगों को फरिश्तों के सलाम आते हैं,

जो लोग दूसरों की मुसीबतों में काम आते हैं।

अपने माबाप की आँखों में भी कभी देखा करो,

ये वो आईना हैं जहां बच्चे कभी बुढ़े नहीं होतें..।

-Parmar Geeta

इल्मो अदब के सारे खजाने गुजर गयें,

क्या खूब थे वो लोग पूराने गुजर गयें,

बाकी है जमी पर फकत आदमियों की भीड़,

इंसान को गुजरे तो जमाने गुजर गयें.. ।

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अब निभानी ही पडेगी दोस्ती जैसी भी हैं,
आप जैसे भी है नियत आपकी जैसी भी हैं,

खुल चुकीं है उसके घर की खिडकियां मेरे लिए,
रुख़ मेरी जानिब ही रहेगा बेरुखी जैसी भी हैं,

चोटियां छूं कर गुजरते हैं बरसते क्यूँ नहीं,
बादलों की एक सूरत आदमी जैसी भी हैं,

अजनबी शहरों में तुझको ढूंढते है जिस तरह,
एक गली हर शहर में तेरी गली जैसी भी हैं,

धुंधला धुंधला ही सही रास्ता दिखाई तो दिया,
आज का दिन है गनीमत रौशनी जैसी भी हैं,

झूलती है मेरे दिल में शाख उस पेड़ की,
वो तरो - ताजा है या सुखी हुईं जैसी भी हैं,

अब कहाँ ले जाये सांसों की सुलगती आग को,
जींदगी है जींदगी अच्छी बुरी जैसी भी हैं,

कोई मौसम हो मेरी खूशबू रहे उस फूल में,
दास्तान मेरी कही या अनकही जैसी भी हैं,

अब निभानी ही पडेगी दोस्ती जैसी भी हैं,
आप जैसे भी हो नियत आपकी जैसी भी हैं..।

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तुम जो चाहते तो हालात बदल सकते थे,
मेरे आँसू भी तेरी आँखों से निकल सकते थे,

और मेरे देश में हादसे इतने ज्यादा है,
कि अखबार भी खून से निकल सकते थे..।

-Parmar Geeta

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कटी हुई टहनियां कहां छाव देतीं है..,

हद से ज्यादा उम्मीदें अक्सर घाव देतीं है।

-Parmar Geeta

अजीब सी बस्ती में ठिकाना हैं मेरा,

जहां लोग मिलते कम है और झांकते ज्यादा है।

-Parmar Geeta

માણસ ની ફિતરત પણ કેટલી અજીબ છે,

એ વ્યક્તિને ગુમાવી દે છે અને એમની નિશાનીઓ સાચવે છે..

-Parmar Geeta

पूरी उम्र लग जाती है हमें एक होने में,और

एक लम्हा ही काफी है किसी को खो देने में!!

ભરી પિચકારી પ્રેમ ના રંગ માં ઝબોળી..,

રાધા કૃષ્ણ રમે બ્રિજ માં આજ હોળી...!!

-Parmar Geeta