Hey, I am on Matrubharti!

नमस्कार दोस्तों कहानी लिखने का यह मेरा पहला अनुभव है आप मेरी कहानी पढ कर अपने किमती अभिप्राय अवश्य दें...🙏

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तुम तारों की तरह रात भर चमकते रहे ,

हम चाँद की तरह तन्हा सफर करते रहे ,

तुम तो बीते वक्त थे... तुम्हें आना न था ,

यूँ ही हम सारी रात करवटें बदलते रहें...!!

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हम अक्सर उसीके समक्ष हार जाते हैं,

जिससे हम निस्वार्थ प्रेम करते हैं..!!

✍️ गीता परमार

अगर में कहुं के रूक जाओ मेरी खातिर तो
रूक जाओगे क्या ??

अगर में कहुं के मुझे
तुमसे मोहब्बत है तो
मेरे हो जाओगे क्या ??

✍️ गीता परमार

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गुजर रही है जिन्दगी

बड़े ही नाजुक दौर से,

मिलती नहीं तसल्ली,

तेरे सिवा किसी ओर से..

कभी सोचा नहीं था कि प्यार में इतने मजबूर हो जायेंगे,

इतना नजदीक आने के बाद भी इतने दूर हो जायेंगे..!!

✍️ गीता परमार

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मत समझिये की मैं स्त्री हूँ , नशा है मुझमें,
माँ भी हूँ, बहन भी, बेटी भी, दुआ है मुझमें,

हुस्न है, रंग है, खूशबू है, अदा है मुझमें,
मैं मोहब्बत हूँ , इबादत हूँ , वफा है मुझमें,

मैं फकत जिस्म नहीं, की फना हो जाऊँ ,
आग है, पानी है, मिट्टी है, हवा है मुझमें..!!

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કોઈ મતલબ જ નથી એ ખાસ દિવસ નો ,

જે ખાસ હોય એ જ જો સાથે ના હોય તો..!!

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तेरे बिना मेरी हर खुशी अधूरी है,

सोच तू मेरे लिये कितना जरूरी है !!

✍️ गीता परमार

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किसी से वफा की उम्मीद अगर करो,

तो झूठे दिलासे मिलते हैं !

अगर झूठे दिलासों पर अगर यकीन करो ,

तो उम्र भर जिन्दगी को तमाशे मिलते हैं..!!

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બસ એક તારી કમી માં,

આ દુનિયા પણ મને ના ગમી !!

✍️ ગીતા પરમાર