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Hey, I am reading on Matrubharti!

नज़रें मिले तो प्यार हो जाता है ,
पलकें उठे तो इज़हार हो जाता है।
ना जाने क्या कशिश है चाहत में ,
के कोई अनजान भी हमारी
ज़िन्दगी का हक़दार हो जाता है।

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माँ...
आज भूख कम है...दो ही रोटियाँ खाऊँगा

*तब मैंने रोटियों को बड़ी होते देखा है..*







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