" ચિત્ર એ મૂંગી કવિતા છે અને કવિતા એ બોલતું ચિત્ર છે. "- જી. ઈ. લેસીંગ્ટન.

ये वक़्त वक़्त का ही खेल होगा,
कभी ज़ोपडी तो कभी महेल होगा...
Raahi
हर हालत क़दमों पे आ गिरेंगे,
हमारे हर कर्मों का ऐसे ही मेल होगा...

- परमार रोहिणी " राही "

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पूरी जिंदगी नही, एक दिन माँगा है,
अपने ख्वाबों की हक़ीक़त को माँगा है...
Raahi
हर ख़्वाहिश पूरी हो ये ज़रूरी तो नही,
फिरभी पूरी क़ायनात को क़दमों में माँगा है...

- परमार रोहिणी " राही "

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कई दिन गुज़र गए, कुछ बोले नही है हम,
ख़ैर अब तो सालों बीत जाएँगे...

तमन्नाओं का महल बिखेर दिया हमने ही,
सुनसान राहों से गुज़र जाएँगे...

- परमार रोहिणी " राही "

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हे कान्हा..! तू नदियों सा है,
विशालकाय हो के भी शांत है।
मैं झील सी नादान हूँ, जो
अपने अस्तित्व को पाने शोर कर बैठी।

- परमार रोहिणी " राही "

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प्रेम प्रेम सहु करे, प्रेम न जाने कोई,
प्रीत सिखाने आज कान्हा जनम होई...

गोकुल से वृंदावन, मथुरा में कंस मारे,
मुरली बजावे गीता सुनावे मनमोही...

- परमार रोहिणी " राही "


नटखट मुरलीमनोहर कान्हा के जन्मदिन की सभी को ढेर सारी शुभकामनाएं😍🙏🌹🌹

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रेशम के धागे का है ये रिश्ता,
तूटने न पाए ये ख्याल रखना...
Raahi
जन्मोजन्म तक तू ही भाई मिले,
राखी का ये उपहार रखना...

- परमार रोहिणी "राही"

HAPPY RAKSHA BANDHAN 🌹🙏

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कभी न टूटने वाली आस दे,
चाहत का ऐसा अहसास दे...
Raahi
पुकारूँ नाद ॐ कार का,
औऱ कान्हा मिले ये विश्वास दे...

- परमार रोहिणी " राही "

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हज़ारों बवंडर से लड़कर जी गए,
चाहत के दरिया में ऐसी कई लहरें उठी...
Raahi
ज़माने को ख्वाब दिखा रहे थे हम,
और ख़्वाब सो गए जब ये आँखे उठी...

- परमार रोहिणी " राही "

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जब अँधेरा चारों ओर हो,
तो आँखे होने का फ़ायदा...
Raahi
जब निराशा में ही जीना हो,
तो ज़िन्दगी का क्या फ़ायदा...

- परमार रोहिणी " राही "

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"મૌનનો પડઘો", ને માતૃભારતી પર વાંચો :
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