Hey, I am reading on Matrubharti!

મન મારુ આજ બન્યું વિહંગ,
સપનાઓની પાંખે એને ભેદયું ગગન.

-Piyusha

ज़नाज़े पे मेरे कफ़न सफेद न डालना ,
तेरी यादों के रंग दुनिया को नज़र आ जाएँगे ।

-Piyusha

मुझे शिकायत है अपनी ही निगाहों से ,
वो तेरे सिवा कहीं ओर टिकती ही नही ।

-Piyusha

हैं मुझे शिकायत अपनी ही निगाहों से ,
तेरे सिवा कही ओर टिकती ही नही ।

-Piyusha

On Air again
આવતી કાલ સવારે 5 અને 53 થી 12 સુધી..
😊

-Piyusha

तेरा दिया ज़ख़्म भी अजीब है ,
लहू के बदले आँसू बहते है ।

-Piyusha

कुछ ज़ख़्म हमने हॅंसते हँसते खुद लिए है,
क्योंकि उसे तूने रोते रोते दिए है ।

-Piyusha

बंद लिफ़ाफ़े में दिल अपना भेजा है ,
टूटा हुआ है पहले से सम्भल कर खोलियेगा गा ।

-Piyusha

Meri yad jo tere pas hai ,
Unki kishte bharte jaana ,
Kishton me ,
Muskan apni dikhate jana.

-Piyusha

तेरे दिए हर ग़म माफ़ है ,
क्योंकि उसमें तू मेरे साथ है ।

-Piyusha