प्रवीण बसोतिया का जन्म १४ जुलाई १९९४ में हुआ। पहली बार जब उन्होंने लिखना प्रारंभ किया उस वक्त वह पढ़ाई किया करते थे। और लेखन को केवल एक शौक समझ कर लिखा करते थे। तेरह वर्ष की आयु में एक पेज की कहानी लिखने के बाद उन्हें अपनी प्रतिभा का अहसास हुआ। और उस दिन के बाद जब भी वह निराश होते। तो कलम उठा कर लिखने बैठ जाते, लिखने में आनंद प्राप्त करने वाले, प्रवीण बसोतिया लोगों द्वारा कही गई। असभ्य बातों का त्याग करते हुए आगे बढ़े, और उन्होंने तीन उपन्यास लिखें, जिनमें से दो अंग्रेजी में अनुवादित है इनकी रचनाए

ye subha bhi mujhe Teri khubsurti ka ehsaas krwati h
good morning 😊💐

gd night

इस तरह से फिदा है दिल तुझपर मानो तुम कोई गैर नहीं बल्कि मेरे ही हो।

good morning

gD night

good night everyone

मर चुका है वो अहसास,
जो तुझे मुझमे जिंदा रखता था।