उपन्यास - देहाश्रम का मनजोगी, बेस्वाद मांस का टुकड़ा, वंश,रेत होते रिश्ते, आखेट महल, सेज गगन में चांद की, जल तू जलाल तू, अकाब,राय साहब की चौथी बेटी. कहानी संग्रह - अंत्यास्त, सत्ताघर की कंदराएं,ख़ाली हाथ वाली अम्मा, थोड़ी देर और ठहर, प्रोटोकॉल. लघुकथा संग्रह - मेरी सौ लघुकथाएं,दो तितलियां और चुप रहने वाला लड़का. संस्मरण - रस्ते में हो गई शाम.आत्मकथा खंड - इजतिरार, लेडी ऑन द मून, तेरे शहर के मेरे लोग. नाटक - मेरी ज़िन्दगी लौटा दे, अजब नारसिस डॉटकॉम, बता मेरा मौत नामा. जीवनी - ज़बाने यार मनतुर्की

राजेंदर सिंह बेदी की कहानियां और फिल्में l साहित्य का सिनेमा कलम से कैमरे तक भाग 18
https://youtu.be/xOdn9okWYI8

आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!

चतुरसेन शास्त्री
https://youtu.be/IJDvNJ33FbI

आपका हार्दिक स्वागत...

"पतंगें"
हरी नीली पीली गुलाबी पतंगें
न जाने मगर कौन सी अब कहाँ है?
किसी-किसी के रंग, लगते सजीले
किसी-किसी के अंग,होते नशीले
किसी-किसी के तंग, थे ढीले-ढीले
तरसाती थीं दूर से भी पतंगें !
इन्हें देखते छत पे आते थे लड़के
गली में मिलीं, लूट लाते थे लड़के
पकड़ डोर जबभी, हिलाते थे लड़के
धरा से गगन पे, जातीं पतंगें !
कोई दोस्तों से मिलके उड़ाता
कोई लेके इनको,अकेले में जाता
सभी का मगर इनसे कोई तो नाता
होतीं सभी की मुरादें पतंगें !
पड़ता था घर के बड़ों को मनाना
कहते थे बाबा, थोड़ी उड़ाना
जैसा हो मौसम उसी से निभाना
देती हैं भटका,ज़्यादा पतंगें ! 
किसी की उठन थी, बड़ी ही लजीली
किसी की छुअन थी,बड़ी ही नशीली
किसी की गढ़न थी, बड़ी ही सजीली
सपनों में आती, थीं ये पतंगें !
डरता था दिल ना, कट जाएं देखो
करता था दिल ये, सट जाएं देखो
मरता था दिल ना, फट जाएं देखो
जैसे बदन का हिस्सा पतंगें !

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गीतकार शहरयार की कहानी।
https://youtu.be/GgB7Lv_xw-o

डा० प्रबोध कुमार गोविल की आत्मकथा की समीक्षा
विजय कुमार तिवारी
राजस्थान के बहुचर्चित साहित्यकार डा० प्रबोध कुमार गोविल ने हिन्दी साहित्य को अपनी लेखनी से बहुत समृद्ध किया है। अनेकों उपन्यास,कहानी संग्रह,लेख,फिल्मी पटकथायें,वार्ताएं,साक्षात्कार आदि खूब लिखे गये हैं और छपे हैं। उन्होंने चार खण्डों में अपनी आत्मकथा लिखी है,तीन खण्ड छप चुके हैं और चौथा छपने वाला है। खण्ड-1 और खण्ड-2 की समीक्षा पूरी हुई है। आत्मकथा लिखना सहज नहीं है। गोविल जी ने साहस का परिचय दिया है और परत-दर-परत अपने जीवन-संघर्ष को खोलकर रख दिया है। उनका बहुआयामी जीवन चरित्र और लेखन रहा है। आभार और शुभकामनाएं।

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नमस्ते,

मैं वास्तव में खुश हूं कि मुझे डिजिटल साहित्य और रचनात्मक लेखन के क्षेत्र में सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए नामांकित किया गया है - स्टोरीमिरर ऑथर ऑफ द ईयर अवार्ड - 2021। स्टोरीमिरर पाठकों और लेखकों के लिए भारत का सबसे बड़ा बहुभाषी मंच है और मुझे वास्तव में गर्व है कि मैं नामांकित किए गए लेखकों में से 2% लेखकों में से हूं। अब मुझे खिताब जीतने के लिए आपके समर्थन की जरूरत है। कृपया इस लिंक पर जाएँ: https://awards.storymirror.com/author-of-the-year/hindi/author/5nqvqrnw और क्लैप बटन पर क्लिक करें। आपको मेरे लिए ताली बजाने के लिए स्टोरी मिरर ऐप इंस्टॉल करना होगा और लॉग इन करना होगा। कृपया ताली बजाएं और इस पुरस्कार को जीतने में मेरी मदद करें!

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