ऐ ज़िंदगी..गले लगा ले..हमने भी...तेरे हर ग़म को गले से लगाया है..12/02/20

"Valentine Week"

इतने ज़ोर-शोर से जो इन दिनों
कुछ ख़ास दिन मनाए जाते है,
जाने कितने टूटे दिल
तन्हा तड़प कर रह जाते हैं...,
प्रांजल,
07/02/20

Read More

"सज़ा.."

मेरे देश में कुछ अपराधियों को सज़ा मिलने पर,पुलिस को बधाईयाँ दी जाती हैं,आपस में मिठाइयाँ बाँटी जाती हैं क्योंकि ये सज़ाएँ ही बहुत कम मिलती हैं...समझ नहीं आता
इस दुर्दशा पर मुझे खुशी मनाना चाहिए या अफ़सोस...
ये वो खुशी है जो अक्सर मेरी
आँखें भिगो देती है...,क्योंकि
कुछ ज़ख्म कभी नहीं भरते,
कुछ अश्क कभी नहीं रुकते,
कुछ अश्क कभी नहीं बहते,
नासूर बन कर हर पल चुभते...
प्रांजल,
06/12/19,5.35P

Read More