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@prashantkumar030504
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Hey, I am on Matrubharti!
तुम चलती फिरती manner बुक प्रिये मैं गलतियों का भंडार हूँ ।। तुम सभ्य सुशील और धार्मिक लड़की मैं असभ्य गालियों का भंडार हूँ ।। -Nomad Navodayans
I can't live without you से i can live without you तक का सफ़र कभी तय किया है ? -Nomad Navodayans
जिस रास्ते से दूर भाग रहे थे दुबारा उसी पे आ गए है देखो ना, कड़कती धूप मे भी आज घना बादल छाए है। और हालत और हालात की बात छोड़ ही दो तो बेहतर है वो कुछ खास नहीं बस बीच रेगिस्तान में, भटके मुसाफिर की तरह है। -Nomad Navodayans
यहाँ पर्यावरण बचाने का ज्ञान हर कोई दे रहे है, मगर उसे बचाने का प्रयास बहुत कम लोग कर रहे है | पेड़ काट कर हर किसी को घर यहाँ बनाना है, पर खाली पड़ी जमीन पर पेड़ किसी को भी नहीं लगाना है || पर्यावरण दिवस के दिन आप कई दफा stories और status लगाये हो, एक दफा आप खुद से तो पूछो आज तक कितने पेड़ लगाये हो | वक़्त अभी भी है, आप समझ जाओ और सुधर जाओ, अपने लिए ना सही अगली पीढ़ी के लिए कुछ तो कर जाओ || अब मैं कैसे कहूँ आप सबको जो प्रकृति संग खिलवाड़ किये जा रहे हो, आप सब कुछ जान कर भी मुर्खो वाली हरकतें लगातार किये जा रहे हो ||| :- Nomad navodayans -Nomad Navodayans
हाँ जानता हूँ बोहोत प्यार करते हो आप हमसे, मगर उस कदर नहीं जिस कदर हम करते है आपसे ।।। -Nomad Navodayans
शायद मोहब्बत में हद नही होती पर फिर भी मैं हद में रहता हूँ। तुम्हें कहीं दोबारा खो ना दू इस बात से ज़ज़्बातों को रोके रहता हूँ। अगर इश्क़ में सब जायज है तो फिर हदों को पार करना भी सही है और इश्क़ में भी अगर हदें आ जाए तो वो बेखौफ़ जूनूनियत, लज़्ज़त वाला प्यार नहीं है ।। -Nomad Navodayans
काश कभी 1 शाम ऐसा भी हो ना काम का तनाव और न ही कोई थकान हो... ख्वाईश है की बस 1 कप चाय और सामने बैठी तुम रहो ।। -Nomad Navodayans
कोई गुरूर में है तो कोई बहुत दूर में है ।। जो पास है वो अब साथ नहीं और जो साथ है उसमे वो बात नहीं ।।। -Nomad Navodayans
तुम इसे हक़ीकत कह दो या या कह दो यही दुनिया की रीत है जितनी दिखती है लोगों की जिंदगी आसान उसकी उतनी ही विपरीत है कहानी किसी की आसान नहीं जटिल है यहाँ मेहनत हर कोई दिन रात कर रहा है लोग कहते है उनका वक़्त खराब चल रहा है पर मेरा, मेरा वाहियात चल रहा है।।।
कुछ इश्क़ मुकम्मल नहीं अधूरी ही कामिल रहती हैं मलाल दिल मे दफ़्न रहना मुलाज़िम हैं पर इश्क़, इश्क़ पूरे ज़हन में शामिल रहती है ।।
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