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RISHABH PANDEY लिखित कहानी "रेवती रमन- अधूरे इश्क की पूरी कहानी. - 4" मातृभारती पर फ़्री में पढ़ें
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Ek Pehchan Hazaron Dost Bana Deti Hai
Ek Muskaan Hazaron Ghum Bhula Deti Hai
Zindagi Ke Safar Mein Sambhal Kar Chalna
Ek Galti Hazaron Sapne Jala Kar Rakh Deti Hai
🌹🙏🙏🌹

*🙏🙏🌹*
*चिंता उलझाती है और*
*चिंतन सुलझाता है...*
*चिंता करोगे तो उलझ जाओगे*
*पर चिंतन करोगे तो*
*उलझे हुओं को भी समाधान*
*का रास्ता दिखा दोगे...!!*
*जीवन बहती नदी है*
*अत:*
*हर परिस्तिथि में आगे बढे*
*जहाँ कोशिशों का कद*
*बड़ा होता है*
*वहाँ नसीबों को भी*
*झुकना पड़ता है*
💐🙏🥀🌹🌿🌸🍃🌾🙏💐

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*"क्रोध भी तब पुण्य बन जाता है, जब वह "धर्म" और "मर्यादा" के लिए किया जाए, *और* *"सहनशीलता" भी तब पाप बन जाती है जब वह "धर्म" और "मर्यादा" को बचा नहीं पाती ||*
--Prerna

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चलो अपनी चाहतें नीलाम करते हैं,
मोहब्बत❤️ का सौदा सरे आम करते है,
तुम अपना साथ हमारे नाम कर दो ,
हम अपनी ज़िन्दगी ❤️❤️तुम्हारे नाम करते हैं।

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♤When you need advice, everyone is ready to help you;
BUT
Whenever you need help,
everyone is ready to advise you!♤
```Have a Satisfying Sunday...🎊```

क्या किस्मत पाई है रोटीयो ने भी निवाला बनकर,
रहिसो ने आधी फेंक दी, गरीब ने आधी में जिंदगी गुज़ार दी💔💔

वो शराफ़त कि आड़ में भ्रष्टाचार, इज्जत कि आड़ में बलात्कार और इंसानियत शर्मसार करते रहे, और हम नादान उन्हें वफादार नेता समझ वफादारी से प्यार करते रहे।
-Prerna

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लाखों का धन है तो भी,
क्यों आज भिखारी बन बैठे,
काले धन की पूजा करके. जाने केसे तन बैठे
भूल गए, बचपन में तुम भी,
खिलौना देख रो देते थे,
आज कैसे, उन नन्हे हाथों से,
खेलने का हक ले बैठे.

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*पूरी जिंदगी लगा दी...*
*चाबी खोजने में....*

*अंत में पता चला कि*
*ताला क्या दरवाजे भी नहीं है...*
*परमात्मा के घर में।।*

*भीतर शून्य बाहर शून्य !* *शून्य चारों ओर है l*
*मैं नही हूँ मुझमे*
*फिर भी "मैं , मैं " *का ही शोर है l*
💐🌺🌾🥀🍃🌹🌿🌸🌸🌿🥀🥀

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