साहित्य समाज का आईना है। कल भी था, आज भी है और कल भी रहेगा....

बहुत - बहुत शुक्रिया बंधु 🙏

पलट कर बेड पर देखा। मम्मा वहाँ नहीं थी पर सामने खिड़की से सूरज कमरे में घुसने की कोशिश कर रहा था। मैंने घड़ी को घूरा, उसने तुरंत बताया...... बारह बजकर चालीस मिनट।

आज अनाहिता की ज़िन्दगी का एक बहुत ख़ास दिन है। आज वो अपनी मम्मा के साथ "घर" जाने वाली है। क्या अनाहिता का ये ख़ास दिन वाकई ख़ास बन पाया.....!!!

जानने के लिए पढे़ं हमारा ब्लॉग "नया जन्म - भाग 9"

https://priyan-sri.blogspot.com/2021/02/9.html

आपकी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा में 🙏

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कौन समझाये बेशउरों को, अक्स पानी में तर नहीं होता


दर्द बढ़कर दवा तो होता है, ऐब बढ़कर हुनर नहीं होता....

- अज्ञात

बेशऊर = बेसहूर
अक्स = परछाईं
तर = गीला
ऐब = कमी

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हिचकियाँ ले के न रो, कब्र पे रोने वाले



जाग जाएं न कहीं, चैन से सोने वाले......

- अज्ञात

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आपका स्नेह सदा ऐसे ही बना रहे, धन्यवाद 🙏

ये वही स्टाफ़ रूम है जो कभी स्टाफ़ नर्सेज़ की हँसी से गुलज़ार हुआ करता था। कभी ओवर देते वक्त सीरियस हो जाता था तो कभी गुपचुप गाॅसिप का केंद्र भी बन जाता था। मगर आज यहां सन्नाटा पसरा है....... मौत का सन्नाटा............

आज का दिन केवल अनाहिता के लिए ही नहीं, जाने कितने लोगों के भारी था। ऐसा क्या हुआ आज, जानने के लिए पढे़ं नया "जन्म - भाग 8"

https://priyan-sri.blogspot.com/2021/01/8.html

आपकी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा में 🙏

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ज़माने में मिलते हैं आशिक़ कई
मग़र वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता.....

मातृभारती के अनंत विस्तृत परिवार को 🇮🇳 72वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 💐 🙏

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आओ पहेली बूझें.....

एक नार ने अचरज किया। सांप मारि पिंजड़े में दिया।
जों जों सांप ताल को खाए। सूखे ताल सांप मरि जाए।

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