રાકેશ ઠક્કરની હોરર નોવેલ પતિ પત્ની અને પ્રેત, રેડલાઇટ બંગલો અને "લાઇમ લાઇટ" amazon પર ઉપલબ્ધ છે."રેડલાઇટ બંગલો" storytel એપ પર ઓડિયો બુક ફોર્મમાં પણ જરૂર સાંભળો. તેમની ઇબુક્સના ૭૬૮૦૦૦ ડાઉનલોડ થઇ ચૂક્યા છે. માતૃભારતીનો વર્ષ ૨૦૧૯ નો "રીડર્સ ચોઇસ એવોર્ડ" મેળવનાર લેખક રાકેશ ઠક્કરની હોરર નોવેલ "આત્માનો પુનર્જન્મ" માતૃભારતીની "લોંગ સ્ટોરી કોમ્પીટીશન-૨૦૨૦" માં વિજેતા બની છે. હોરર નોવેલ પતિ પત્ની અને પ્રેત છે. ફિલ્મોના કિસ્સાઓને રજૂ કરતી તેમની "બોલીવુડ કી બાતેં" chitrlekha.com પર વાંચી શકો છો.

बहुत फैलती हैं ये नफ़रत की बेलें
हटाकर मुहब्बत की' बेलें उगाना
हरकीरत हीर

वही हुआ कि मैं आँखों में उसकी डूब गया
वो कह रहा था भँवर का पता नहीं चलता
मुनव्वर राना

कभी कभी यूँ भी हमने अपने जी को बहलाया है
जिन बातों को ख़ुद नहीं समझे औरों को समझाया है
निदा फ़ाज़ली

टेढ़े मेढ़े रस्तों पर भी ख्वाबों का यह बोझ
तेरी ख़ातिर मेरी जान उठाना पड़ता है
आलम खुर्शीद

कई रात से नींद आयी नहीं है
दवा भी कोई हमने खायी नहीं है
डी. एम. मिश्र

किसी के आने की उम्मीद तो नहीं लेकिन
कभी कभी युंही दरवाज़ा खोलता हूँ मैं
मेहर गेरा

वो नींद जो तेरी पलकों के ख़्वाब बुनती है
यहाँ तो धूप निकलने के बाद आती है
मुनव्वर राना

अपनी फितरत किसने छोड़ी है 'सिराज'
फूल कैसे मुस्कुराना छोड़ दे ।
सिराज फ़ैसल ख़ान

हमारी आने वाली पीढ़ियाँ पूछेंगी कल हम से
तो क्या ढूँढेंगे अपनी बुज़दिली के हम बहाने फिर
डी. एम. मिश्र

मुझको तो कर दिया है तुमने तबाह लेकिन
मेरी यही दुआ है तुम ख़ुश रहो जहाँ हो

जो दोस्ती के दावे करते थे निकले दुश्मन
हाय वो बाग़ जिसका सय्याद बाग़बाँ हो
परमानन्द शर्मा 'शरर'

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