मैं एक आयुर्वेदिक चिकित्सक हूं.लिखना पढ़ना मेरा शौक है.हर जिंदगी में तमाम कहानियां सन्निहित हैं जो मुझे उद्वेलित करती हैं.किसी की भावना को यदि कोई ठेस पहुंचे तो मैं क्षमाप्रार्थी हूं.आप पाठकोंके स्नेह की आकांक्षा है.

विवाह वेदी पर किए गए
सभी शपथ,वचन तोड़कर।
जीवन के कठिन पथ पर,
चल दिए अकेला छोड़कर।
संग देखे समस्त स्वप्न,
अश्रु बनकर बहते हैं।
यादों के अनगिनत कांटे,
अंतस में हरदम चुभते हैं।
कोई नहीं समझ सकता है,
मेरी पीड़ा, हृदय वेदना।
विधि ने ऐसा त्रास दिया,
कैसे जाग्रत रखूं चेतना।
सुनी मांग,उजड़ा माथा,
दर्पण भी देख के रोता है।
मेरी पीड़ा देख दुखी हो,
मां का दिल टुकड़े होता है।
#विधवा

Read More

"चुर्क प्रवास", को मातृभारती पर पढ़ें :
https://www.matrubharti.com
भारतीय भाषाओमें अनगिनत रचनाएं पढ़ें, लिखें और सुनें, बिलकुल निःशुल्क!

Read More

जीवन में पग-पग पर संघर्ष है,
जो करना है सबको अपने हिस्से का,
गिरना, सम्भलना है, चलना है,
हर मुश्किल हालात से लड़ना है,
हर हाल में विजयी होना है,
मुस्कराते हुए जिंदगी बिताना है।
#संघर्ष

Read More

https://www.matrubharti.com/book/19894621/rajonivruti
इस कहानी को पढ़े, धन्यवाद।। मानवी
रजोनिवृत्ति-पूर्व/पश्चात ---एक महिला के मानसिक-शरीरिक परिवर्तन यात्रा की कथा

Read More

मरने के बाद भी मेरे रूह को सुकून ना मिला,
जमाने ने मेरी मौत का तमाशा बना दिया।

आप जीते जी आराम की बात करते हैं,
दो पल फुर्सत के इंतजार में जिंदगी गुजार दी।

त्याग दिया अपना व्यक्तित्व,
भुला दिया अपना अस्तित्व,
बदल दिया अपना परिचय,
छोड़ दिए सपने,इच्छाएं,
जिस घर को अपनाने में,
जिनको अपना बनाने में,
एक पल में सबने पराया कर दिया।
#त्याग

Read More

बहुत कुछ लिखा गया हमारी खूबसूरती पर,
अब बस हमारी अहमियत पर लिखो जमाने वालों।

मत बनो हिस्सा भीड़ का,
न चलो भेंड़ के झुंड समान,
न रहो पंक्ति में सबसे पीछे,
कुछ ऐसा करो अद्वितीय
तुम जहां भी खड़े हो जाओ
वहीं से प्रारंभ हो नई पंक्ति।
#पंक्ति

Read More

न लाजवाब ,न बेमिसाल किया,
मुश्किलों ने तो बस बेहाल किया,
जबाब कोई भी सही ना हुआ,
जिंदगी ने कठिन सवाल किया।
ये क्या कम है अब भी जिंदा हैं,
लड़खड़ाते कदमों को संभाल लिया।
जो मिला उसी में खुश रहे,
न शिकवा, न कुछ मलाल किया।
लोग चाहे मुझे नाकाम कहें,
मैं मानती हूं मैंने कमाल किया।
#मिसाल

Read More