मैं डॉ. रंजना जायसवाल ...लिखने पढ़ने के शौक ने मुझे इस ग्रुप से जोड़ दिया। एक लेखिका और स्टोरी टेलर के तौर पर आकाशवाणी वाराणसी, आकाशवाणी मुंबई संवादिता,दिल्ली f m gold में मेरी कई कहानियाँ और लेख आ चुके हैं। इसके अलावा देश के कई प्रसिद्ध अखबारों (दैनिक भास्कर,स्वतंत्र भारत,दैनिक नवजीवन और अमर उजाला) में भी मेरे लिखे लेख छप चुके हैं l

#कर्म
कल की चिंता न कर तू
कल तो कल ही आएगा...
आज करेगा जो कुछ भी तू
वो कल तेरा धर्म कहलायेगा...
डॉ. रंजना जायसवाल

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#पूछताछ
रिश्तों का मांझा अक्सर दिलों को उलझा देता है।अपने दिल से पूछताछ करते रहिए... दिल की गिरह खोलते रहिए।
डॉ. रंजना जायसवाल

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#लिप्त
आज के युग में जो लिप्त है... वही तृप्त है।
डॉ. रंजना जायसवाल

#तत्काल
माना तेरी मुस्कान के गुनाहगार है हम... तेरी आँखों की कैद से तत्काल रिहाई चाहिए मुझे...
डॉ. रंजना जायसवाल

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#सलाम
झुक जाते हैं तेरे सजदे में न जाने कितने ही सर...जब-जब तुम अपनी निगाहों से सलाम करती हो।
डॉ. रंजना जायसवाल

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#मुश्किल
कितना मुश्किल है इस हाल से गुजर जाना, तुम ही से फासले रखना और तुम ही से इश्क करना...
डॉ. रंजना जायसवाल

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#खुश
दूसरों को खुश रखने के चक्कर में... अक्सर हम अपने आप को खुश रखना भूल जाते हैं।
डॉ. रंजना जायसवाल

#खुश
मेरे शहर में आज इत्र की खुशबू क्यों है... लगता हैं आज तू खुश बहुत है।
डॉ. रंजना जायसवाल

#आधा
उम्मीद पर वह सारा जीवन काट लेता है,आँसू के हर कतरे से मुस्कुराहट छांट लेता है,गरीब की भूख है कि कभी कम नहीं होती,प्यार से आधा निवाला भी मिले तो... खुशी से बांट लेता है।
डॉ. रंजना जायसवाल

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#ठीक -हो-जाओ
रिश्तों का मांझा उलझता जरूर है...हर बार इंसान टूटता जरूर है... पर फिर भी... ठीक हो जाओ न।
डॉ. रंजना जायसवाल

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