Shankar Shiv Bhole, Umapati Mahadev, Palanhar Parmeshwar, Vishvroop,'Mahadev'.....

मेरी पसंद लाजवाब हैं,
आप अपनी ही मिसाल ले लीजिए।

પગથી માથાં લગી હાંસિયો પાડી લખિયા વાંક,
આજુબાજુ લખી બળતરા, વચ્ચે લખિયો થાક.

ऐसी " धुन " छेड़ कि
" मैं " मृत हो जाऊ
और " नृत्य " अमर हो जाए ,

दर्दकी मारी वन वन भटकु, वैद मिलता नहीं कोई.
मीरा के प्रभु पिड मिटेगी, जब वैद सावरियो होई.

शूली ऊपर सेज हमारी, किस बिध सोना होई,
गगन मंडल पर सेज पिया की, किस बीध मिलना होई.

तेरे नाम की ज्योत ने सारा हर लिया ' तमस ' मेरा.

दिवस तो खाय गवायो, रैन गवाई सोय.
प्राण गवाया जरता, नैन गवाया रोई.

मेरे जीवन, प्राण प्यारे, हर क्षण मेरे संग फिरो.
में कमली हो नृत्य करू, जब तुम अधर मुरली धरो.

 रंग बदलती दूनियाँ देखी देखा जग व्यवहार,
दिल टूटा तब मन को भाया ठाकुर तेरा दरबार