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समझाने से कहा समझ आता है उसे,
वह तो सिर्फ ठोकर लगने पर ही समझता है।

-Rekha पटेल

उसे छोड़ दिया ठोकर खाने के लिए,
बहोत समझाया पर ना समझ था वह।

-Rekha पटेल

મન ને ક્યાં પૈડા છે? છતાંય દોડ્યા કરે છે.

-Rekha પટેલ

गलतियां सबको दिखाई देती है
गुज़रे हुए कल में
क्या सहा वह कोई समझता नहीं।

-Rekha पटेल

किसी के जैसा नहीं बनना है मुझे
मैं जैसा हुँ
अच्छा हुँ।

-Rekha पटेल

हम अकेले ही ठीक है,
किसी से जबरदस्ती रिश्ता निभाने की ज़िद
हम नहीं करते।

-Rekha पटेल

हम आज भी वही है
बस थोड़े समझदार हो गए है।

-Rekha पटेल

दूसरों की नज़र से ना देखो खुदको
वरना बिखकर रहे जाओगे।

-Rekha पटेल

तुम लड़की हो या औरत हो
पहले तुम इंसान हो।

-Rekha पटेल

उसकी हर बात से फर्क पड़ता है मुझे,
उसकी कोई भी बात मुझ पे बेअसर होती है।

-Rekha पटेल