Quotes. Poems. Stories. લખવું એ મને વારસા માં મળેલું છે...પણ હજુ તો મારી શરૂઆત છે...લાગણી ની ભીનાશ કોને નથી હોતી ? સૌને હોય છે.તેમાં ભીંજાવનાર આ કલમ બસ વહ્યા જ કરે...મારી મૌન ભાષાને વાચા આપતી રહે... follow me on Instagram....

कर्तव्य संतान के.... है अगर सोचो तो
क्या बोया जाता है परवरिश में
क्या सिखाया है परवरिश में
क्या दिया है परवरिश में
उस पर निर्भर है कि कैसा कर्तव्य पालक
बन सकेगा

-Shree...Ripal Vyas

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अगर मिलता है कोई याचक तो बन जा सहारा तु
अगर जलता है कोई जलन से तो बन जा ठंड तु
अगर बुजुर्ग है कोई उम्र से तो बन जा सहायक तु
अगर बिमार है कोई मन से तो बन जा इलाज तु
अगर तड़पती है कोई मां तो बन जा बेटा तु
अगर जरूरत है देश को तो बन जा सपूत तु
अगर परवाह है समाज की तो बन जा सिपाही तु
अगर चाहिए वात्सल्य तो बन जा समर्पण तु

-Shree...Ripal Vyas

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वो रास्ता जो हमने चुना है
वो भले ही कठिनाइयों से भरा हो
फिर भी इतना एतबार है कि
अगर कर्म हमारा सही है तो
कितना भी कठिन रास्ता
हम पार कर लेंगे

-Shree...Ripal Vyas

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समाज

मैंने देखा जो समाज है सबसे निराला अनन्य...
जात पात बोल चाल है सबका अलग फिर भी
एक साथ सब रहते है मिल जुल कर खुशियों से
त्यौहार की भिन्नता फिर भी मना रहे है खुशियां
ध्यान धरम है सब लोगो का अलग फिर भी रहते सब एक साथ...

मैंने देखा जो समाज है सबसे निराला अनन्य...
मिलता है मान पान बड़पन हर एक नारी को
सम्मान पात्र के काबिल है हर एक पुरूष वहां
बुजुर्ग हो या बच्चा मिलता है सबको लाड प्यार
अधिकार की जो बात आये तो जुड़जाए जाए सब एक साथ...

मैंने देखा जो समाज है सबसे निराला अनन्य...
नही है वहां नात जात नही वहां अमीरी गरीबी
एक दूसरे के साथ बनते है सहायक तत्परता से
है सब लोग साक्षरता से भरे ना रहे कोई निरक्षर
अनुसंशित नियम बनाए पर सबके लिए समान सब एक साथ...

मैंने देखा जो समाज है सबसे निराला अनन्य ...
जब आंखों से ओझल हुई निंदिया तो पता चला
जो देख रही थी वो सुनहरा ख्वाब था मेरे मनका
लेकिन होगा जरूर पूरा ये ख्वाब हकीकत बनके
क्योंकि साथ मिलकर बन सकता है शुभ समाज सब के साथ...

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अभी भी वख्त है जरा सोच ले
बन स्थितप्रज्ञ अतूट विश्वासी तु

बन जा चतुर बुद्धिमता से भरा
पर रहे संवेदना से छलोछल तु

ना कपट ना छल ना रहे तरंगी
ऊर्जा से भरा बन जा उर्जित तु

मुश्किलो से भरा ये जहाँ है पर
बन हिंमत से भरा सिपाही तु

चलता रहे कर्म करता रहे क्योंकि
वख्त है अपना जरा सोच ले तु

-Shree...Ripal Vyas

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आवाज अनसुनी करने से
आंतरिक ध्वनि बंध नही
हो सकती.....

-Shree...Ripal Vyas

मेरे अंदर भी एक दिल है
जो बहुत नाजुक भी है
पता है कि जिनके जवाब
नही जानती वही प्रश्न दोहराके
परेशान मत करो बहोत बुरा
लगता है

-Shree...Ripal Vyas

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ऐतबार है
यकीन है
भरोसा है


प्यार है
सुकून है
खुशहाल है


क्यो की तुम्हारा
साथ है

-Shree...Ripal Vyas