मैं एक लेखक हूँ, मैं अपने अनुभव के आधार पर लिखा करता हूँ और ये बहुत ही दिलचस्प रहता है कि मैं खुद को लिख पता हूँ प्रेरणादायक लेख लिखना भी मुझे बहुत अच्छा लगता है

वक़्त बदल रहा है मायने बदल जाएंगे,
देखना ए ज़माने,
जीने के तौर तरीके बदल जाएंगे।

खरीदना सका है कोई धन से मोहब्बत ए एहसास को।
जो रखते हैं दिलों में मोहब्बत नसीब होती है मोहब्बत उनको।

मोल नहीं बिका करती खुशियां।
पर जुगत है जमाने में दाम लगाने की।

कौन कहता है दुनिया मतलबी है यारों।
दोष मत दो किसी को अपने अपने गिरेबान में झांको यारों।

अल्फाज ही खता बन गए जब इजहार ए मोहब्बत किया।
गुजर जाता था हर लम्हा याद में उनकी, इजहार कर दर्द नाम कर लिया।

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कि मयस्सर नहीं गुफ्तगू चौराहों पर अब,
जालिम वक्त ने फिजाओं की नजाकत ही बदल दी।

जिंदगी की है कीमत क्या,
पूछो उससे जो अभी मरने वाला है।
एक जो अभी बचे है जिंदा,
जिंदगी को बेवजह उलझा रहे हैं।

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यूं चढ़ा इश्क का नशा कि हम वेपंख आसमां में उड़े।
जब वास्ता हुआ हकीकत से हम औंधे मुंह गिरे।

ले लो जमा धन मंदिरों से,
धन हमारा ही तो है।
चढ़ता है धन मजारों गुरुद्वारों चर्चों पर भी,
देश को बचाने का जिम्मा औरों का भी तो है।

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अजीब हक़ीक़त है जमाने की यारो,
गरीबों का खून चूसने वाले,
आज मदद को हाथ खुलते हैं।