hX

डूबा रहा जो बरसों
तम के अंधकार में
जगमगा उठा नगर आज
दीयों के प्रकाश में
देखो सरयू के तट पर
दीपावली की जगमगाहट हुई
पांच लाख ,इक्यावन हजार
पांच सौ एक दीयों से
आज अयोध्या रौशन हुई
रंग गयी है अवधपुरी
आज भगवा रंग में
एक भगवाधारी के कारण
नगर में भगवा की सजावट हुई
राह देख रहा जन मानस
प्रतीक्षा की घड़ियां विकल हुई
श्री राम के नगरागमन की
पुनः सुगबुगाहट हुई।।

-Sakhi

Read More

"भक्ति की शक्ति", को मातृभारती पर पढ़ें :
https://www.matrubharti.com
भारतीय भाषाओमें अनगिनत रचनाएं पढ़ें, लिखें और सुनें, बिलकुल निःशुल्क!

Read More

इस वर्ष कुछ ऐसा हो जाये
तुमसे मेरा इश्क और गहरा हो जाये
मधुर यामिनी कभी खत्म न हो
जीवन संगीतमय हो जाए
मैं चन्द्र,तुम मेरी चांदनी
जीवन की तुम मधुर कामिनी
राग -रागिनी मधुर सरगम सी
बजती रहे कल - कल निनाद सी
जीवन सुमधुर गजल हो जाये
इश्क तुमसे कुछ गहरा हो जाये
इस वर्ष कुछ ऐसा हो जाये।।।

-Sakhi

Read More

जीवन की छांव तले
न कभी आराम मिला
कभी खुशी मिली
कभी गम मिला
जीवन का हर रंग मिला
पर तन्हाई का
न कोई संग मिला
जीवन में प्यार मिला
तो कभी प्यार में जीवन मिला
पर जान लुटाने वाला
न कोई यार मिला
जीवन की सुनहरी सुबह में
मात- पिता, भाई - बहन मिले
ढलती सुबह में भी
एक नया अध्याय मिला
प्रीत चली,परिवार बढ़ा
काम- काज में ख़ुद को खोकर
जीवन का एक नया आयाम मिला
एक नयी पहचान के तले
एक अद्भुत परिणाम मिला
जीवन की इस धूप -छाँव में
सब कुछ मिला पर
न कभी आराम मिला।।।।

-Sakhi

Read More

#तह
तेरी यादों को दिल के
किसी कोने में दबा दिया
देख न ले कोई तुझे
मेरे दिल के आसपास भी
तेरे प्यार को तह कर
तहखाने में छुपा दिया।।।

Read More

ये कैसी घड़ी आन पड़ी
जलती है चिता सपनों की
कत्ल हो रही हर आरजू
अरमानों की है राख पड़ी
मारते रहे सब उसे धीरे धीरे
और वो मुस्कुराती रही
पहले जीती थी खुद के लिए
अब दूसरों के लिए
जीने चल पड़ी
रखा कदम एक नयी डगर पर
औरों के लिए
पथ प्रदर्शक बन पड़ी
किया फैसला खुलकर जीने का
बदल रास्ता आगे बढ़ चली
खुद के कत्ल की मनहूस घड़ी भी
बना ली उसने अनमोल घड़ी।।

-Sakhi

Read More

अलग -अलग चलते -चलते
एक दिन यूँ ही टकरा गये
देखा एक दूजे को
दिल में समा गये
देंगे साथ एक दूसरे का
करके वादा साथ निभा गये
सप्तपदी के सातों वचन
दिल में कुछ यूँ बस गये
आये बहुत पतझड़ जीवन में
हर बार सावन में बदल गये
लाख चाहा किस्मत ने
अड़कर पहाड़ों की तरह
जीवनधारा का रुख मोड़ना
तेरे प्यार की सरिता ने
हर बाधा को पार कर लिया
अब तो हर पत्थर
संगमरमर लगने लगा
खुरदुरापन भी
चिकनाहट में बदलने लगा
विवाह के बंधन को
दिल में कुछ यूँ रचा गये
न हो पाए दूर तुमसे
वादे वफ़ा तुमसे निभा गये।।

-Sakhi

Read More

एक थकी हुई हाउसवाइफ की अभिलाषा 😁🌹🤪

चाह नहीं, इस हफ्ते तुमसे मैं गुलाब कोई पाऊँ
चाह नहीं तुम चॉकलेट दो और मैं गपगप खा जाऊँ...
चाह नहीं टैडीबीयर पाकर उसे शोकेस में सजाऊँ...
चाह नहीं तुम ‘लव यू’ कहो, और मैं सुनकर इतराऊँ...
मुझे देना वो चादर प्रिये...
जिसे तान मैं, पूरा दिन सो जाऊँ ...
और जब भी कोई काम को बोले....
मैं बहरी हो जाऊ...मैं बहरी हो जाऊ
🙉😝😝😀🤪🤪🤣🤣🤣🤣🤣

Read More

एक थकी हुई हाउसवाइफ की अभिलाषा 😁🌹🤪

चाह नहीं, इस हफ्ते तुमसे मैं गुलाब कोई पाऊँ
चाह नहीं तुम चॉकलेट दो और मैं गपगप खा जाऊँ...
चाह नहीं टैडीबीयर पाकर उसे शोकेस में सजाऊँ...
चाह नहीं तुम ‘लव यू’ कहो, और मैं सुनकर इतराऊँ...
मुझे देना वो चादर प्रिये...
जिसे तान मैं, पूरा दिन सो जाऊँ ...
और जब भी कोई काम को बोले....
मैं बहरी हो जाऊ...मैं बहरी हो जाऊ
🙉😝😝😀🤪🤪🤣🤣🤣🤣🤣

Read More

जिन्हें उनहत्तर, उन्यासी और नवासी मैं फर्क समझ आता है उन सबको हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ.. :-)
😁

-Sakhi