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सनकी शायर

मैं कभी बोल नहीं पाता अपने मनकी
कहीं लोग कह ना दे मुझे कायर
मैंरी शायरी सुन कर लोग कहीं कह ना दे मुझे सनकी
कह ना दे मुझे शायर

-Sandip

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आखिर क्या हु में
काफिर क्या हु में......

-Sandip

ishq है तो risk हैं
लेना न लेना आपकी मर्ज़ी
😅

-Sandip

धर्म से लोग बट जाते हैं
शर्म से जिंदगी बट जाती है
कर्म से आदमी बट जाता हैं

-Sandip

मैंने जानबुझ के कुछ नहीं किया
मुझे पता था फ़िर भी
मेंने कुछ नहीं किया

-Sandip

we are indians firstly and lastly
B.R. Ambedkar

वक़्त तब भी हमारा था
वक़्त अब भी हमारा है
तब हम खोये-खोये से थे
तब हम सोये-सोये से थे
अब हम कुछ करने का बीज़ बोये हुऐ है

-Sandip

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जेसे आसमान तारों से भरा हुआ हैं
वेसे ही में विचारों से भरा हुआ हु

-Sandip

ये देखो रास्ते में कोन मिला है
ये तो चाँद खिला हैं

-Sandip

कागज़ पे आजादी लिखा जाएँ
एक ओर से कलम लीया जाएँ
दुजी ओर से काफिला देखा जाएँ
-Sandip