जब आप कोई अच्छा काम करें और लोग उसे नजर अंदाज करें तो कभी दुखी मत होना क्योंकि जब सूरज निकलता है तो बहुत से लोग सो रहे होतें हैं।

Satish Thakur लिखित कहानी "प्रेत-लोक - 2" मातृभारती पर फ़्री में पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19911765/apparition-2

2nd episode

मेरे द्वारा लिखित "एक वरदान - संभोग" की प्रथम कड़ी।

Satish Thakur लिखित कहानी "एक वरदान - संभोग - 1" मातृभारती पर फ़्री में पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19911892/ek-vardan-smbhog-1

Satish Thakur लिखित कहानी "प्रेत-लोक - 1" मातृभारती पर फ़्री में पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19911749/pret-lok-1

इश्क है या नहीं, उनको मालूम है,
हाँ आखरी नज़्म है, उनको मालूम है।
वो कहें तो वफा, या जफा कह दें वो,
जिंदगी कर्ज है, उनको मालूम है।।
जानते हैं ये हम, रंग कच्चा ही था,
क्यों मिटाते नहीं, उनको मालूम है।।

सोचते थे कभी, हम न कह पायेंगे,
बिन कहे ही उन्हें, हमने सब कह दिया।
जानते थे की वो भी न बोलेंगें कुछ,
उनकी बस एक अदा ने, बयाँ कर दिया।।
हम बताते नहीं, और जताते नहीं,
वो जानते है हमें, हमको मालूम है।।
इश्क है या नहीं, उनको मालूम है।।

दरिया थे हम कभी, कब समंदर बने,
इस मुहब्बत में क्या जानें, कब क्या बनें।
लूटते थे कभी, लूट के बैठें हैं अब,
जान ओ जाने जाना, कहो क्या बने।
इश्क है या नहीं, उनको मालूम है,
हाँ आखिरी नज़्म है, उनको मालूम है।।

Read More

हम ज़िंदगी भर ज़मीनो की क़ीमत पर इतराते रहे
हवा ने अपनी क़ीमत मांगी तो ख़रीदी हुई जमींने बिक गईँ
🙏🙏 🙏☹️☹️

Read More

उंगली तेरी पकड़ चला मैं, कब पैरों पर खड़ा हुआ।
तेरी ममता की छाया में, जाने कब में बड़ा हुआ।।

प्यारी झिटकी, डांट, पिटाई, आज भी सब कुछ वैसा है।
मैं ही मैं हूँ आँख में तेरी, प्यार ये तेरा कैसा है।।

सीधा-साधा, भोला-भोला, मैं ही सबसे अच्छा हूँ।
कितना भी हो जाऊं बड़ा पर, आज भी तेरा बच्चा हूँ ।।

दुनियाँ कहती कि राम भजो, मैंने तुझको ही राम कहा।
सब कोई कहैं मॉम और मम्मा, माँ मैने तुझे माताराम कहा।।

Read More

Lockdown special:

Husband:
सब्जी में कितनी नमक डालनी हैं।

Wife:
3 महीने से सब्जी बना रहे हो । अभी तक नमक का भी अंदाजा नही लगा पा रहे हो ।
और Resume में लिखते हो

"Quick learner" &
Extraordinary Decision making skills" 🤔

Read More