Full story of my life...._ myself a half writer...

❤️❤️❤️

I wish this year comes to a conclusion it also ends all of the issues and attract all of the success and happiness for you and your family...

🙏Happy New Year 2020!🙏

रोना चाहते हैं हम मगर रों नहीं सकते,
वो मेरा हैं मगर हम उसके हो नहीं सकते,
सोना है हमे की ख़्वाब आयेंगे उसके..
मगर हाल ये है कि हम सो नहीं सकते...✍️

from- ik sitamgar raat..

✍️ सत्येंद्र..

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बनकर के सांसे तू मेरी धडकनों में बहता है,
मेरी हर गजल हर इक नज़्म में तू ही तो रहता है
मेरे शहर वालों ने तुझे देखा नहीं कभी मगर,
तू बहुत हसीन है ये मेरा सारा शहर कहता है..

✍️सत्येंद्र....

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दिसंबर की सर्द आधी रात में मेरे लिए आफताब आये,
कभी तो ऐसा हो वो सोए और उसे मेरा ख्वाब आए..

✍️Satyendr@

आसमान ये मेरा है, मै आसमान का परिंदा हूं,
थका हुआ हूं हारा नहीं, मरा नहीं अभी जिंदा हूं,

रुका नहीं करते हैं राही कभी किसी के रोकने से,
क्या हाथी रुका है कभी कुत्तों के भौकने से..
यारों कल तक जो मुझे कहते थे नादान,
आज वही कहते हैं, मै अपनी नादानी पर शर्मिंदा हूं..
आसमान ये मेरा है मै आसमान का परिंदा हूं,
थका हुआ हूं हारा नहीं मरा नहीं अभी जिंदा हूं

माना बनती हैं हाथो में लकीरें खुदा की रहमत से,
मगर बदलते देखी है अक्सर मैंने तकदीरेे मेहनत से,
जिस किस्मत का तुझको नाज है, देखना है मुझसे कब तक नाराज़ है
आखिर जिस खुदा का तू है उसी का मै भी बंदा हूं..
आसमान ये मेरा है मै आसमान का परिंदा हूं,
थका हुआ हूं हारा नहीं मरा नहीं अभी जिंदा हूं,

मुझे सहारा ना दो तुम मुझे आसमान पर चढ़ने दो,
ये मेरी मुझसे ही लड़ाई है मुझे अकेले ही लड़ने दो,
जरा सी आंधियों से डर के दुबक के बैठे है उनके बीच मेरा क्या काम
तूफानों के बीच है घर मेरा मै आसमान का बाशिंदा हूं,
आसमान ये मेरा है मै आसमान का परिंदा हूं,
थका हुआ हूं हारा नहीं मरा नहीं अभी जिंदा हूं...

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खुद ही जलाया है जुनून दिल के अंदर हमने,
कुछ इस कदर संवारा हैं मुकद्दर हमने,
क्यों डराते हो हमे तूफानों का नाम लेकर,
अब तक पार किए हैं तैर कर समंदर हमने...

✍️Satyendr@

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मुद्दतों बाद आज मैंने खुद को जाना,
कहां मै, और कहां ये बेदर्द जमाना..


✍️Satyendr@

असुर सोच से भू- प्रकंपित,
सच्चाई और धर्म आतंकित..