12वीं का छात्र, प्रकाशन कार्य:- साझा काव्य संग्रह नारी शक्ति, कोहिनूर (रवीना प्रकाशन दिल्ली) , चमकते कलमकार-1(श्री नवमान प्रकाशन), नमामि दुर्गे, मजदूर (कलम लाइव प्रकाशन), व एक अन्य किताब में रचना प्रकाशित । एवं अब तक देश के अठाईसो राज्य से प्रकाशित होने वाली 300 से अधिक अखबारों एवं 100 से भी अधिक पत्रिकाओं में मेरी रचनाएँ 1000 से भी अधिक बार प्रकाशित हो चुकी है । साथ ही अमेरिका, कनाडा, नेपाल व ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित होने वाली हिंदी अखबार व पत्रिकाओं में मेरी रचनाओं का प्रकाशन हो चुका है .

तुमसे अच्छा मिलेगा, यह कहकर उसने मेरा दिल तोड़ दिया
मैंने भी पढ़ाई को बनाया जरिया, और मुँह उससे मोड़ लिया । ।

-Thakur_saab

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अप्रचलित हूँ इस दुनिया की दस्तूरों से अभी,
पर वो वक़्त आएगा की दुनिया मुझे याद करेगी ।
#अप्रचलित

#विचलित

विचलित हूँ तुमसे मिलने को
ईक फूलों सा खिलने को
पता नही तुम मिलोगी कब
मेरे जख्मों को सिलने को

- सौरभ कुमार ठाकुर

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ना मैं कवि हूँ, ना शायर हूँ, ना ही लेखक हूँ ।
मैं तो बस भारत माता का एक छोटा सा सेवक हूँ ।