M Chief Engineer in MNC writing my own poems n published on Amazon & Flipkart total my 7 poems books with titles as my MB ID - as “रुँह-The Spiritual Power”

Pl Hear carefully the last sentence

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My Extraordinary Poem...!!!


😩जब दर्द हद से बढ़ जाए

🤔और समझ नहीं आए

😖के कैसे निपटा जाए

😌तो क्यों ना किसी

👨‍⚕️बढ़िया से डाक्टर

😊को बुला लिया जाए .....

😁बिलावजह ही

😄घर को ही उँट

😄वेधशालाएँ

😄ना बनाएँ...!!!

🙄हर Poetry Sad नहीं होती

😜कुछ Practical भी होतीं हैं

✍️🖊😂😄🤣😝😆🤣😛🖊✍️

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A 5 year Old russian Boy who has sung a song from Bobby.

Really fantastic👇🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

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My New Poem ....!!!!


बड़ी ही खूबसूरत शाम थी

वो तेरे साथ की …

अब तक “खुशबू” नही गई,

मेरी कलाई से ….

तेरे हाथ की..

अब तक एहसास भी नहीं गए

मेरे ज़हन से ...

तेरे जज़्बात के ...

अब तक ख़्याल भी नहीं गए

जो लम्हे साथ बिताए...

उन लम्हों के निशानात भी ...

बिखरे पड़े हैं ज़हनी परतों में.!!

✍️🌲🌹🌺🥀🖊💕🖊🥀🌺🌹🌲✍️

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My Saluted Poem for The Soldiers...!!!!



पश्चिमी संस्कृति के ढकोसले
में डूबी आँजकी युवा पीढ़ी

यहाँ फूलों 💐 के गुच्छे देकर
इज़हार-ए-प्यार जताते रहे

वहां 44 वीर जान न्योछावर कर
देश को ही क़र्ज़दार कर गए

पुण्य-पाप की सीमा के पार पहुँच
पुण्यतिथि पहली आ गई

घर की विधवाओं-बच्चों से पुँछे
कोई कि क्या हाल है उनके

तिरंगे ने भी मायूसी से पूछा होगा
आज लहराने से ज़्यादा कफ़न में..

रोया तो होगा वो कण कण माटी का
जहाँ 44ने ख़ून अपना बहाया होगा


✍️🌲🌹🥀🙏🙏🙏🙏🥀🌹🌲✍️

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My New Poem for The Brave Soldiers ...!!!



पश्चिमी संस्कृति के ढकोसले
में डूबी आँजकी युवा पीढ़ी

यहाँ फूलों 💐 के गुच्छे देकर
इज़हार-ए-प्यार जताते रहे

वहां 44 वीर जान न्योछावर कर
देश को ही क़र्ज़दार कर गए

पुण्य-पाप की सीमा के पार पहुँच
पुण्यतिथि पहली आ गई

घर की विधवाओं-बच्चों से पुँछे
कोई कि क्या हाल है उनके

✍️🌲🌺🥀🙏🙏🙏🥀🌺🌲✍️

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My New Poem...!!!


यारों सितम हमारे छाँट लिया करो

नाराज़गी से अच्छा डॉंट लिया करो

ग़मों से जी भर जाएँ तो बाँट लिया करो

रिश्तों की गहराई भी कभी नाप लिया करो

ग़ैरों में अपने ओर अपनों में ग़ैरों का ख़्याल

करना छोड़ इन्सानी वजुद को मान दिया करो

फ़िक्रमन्द मिट्टी के ढाँचे में बिराजमान कोई

तो है बात छोटी-सी ये भी जान लिया करो

ओरौ से पहले ख़ुद ही खुदको पेहच़ान ....!!


✍️🌴🌹🥀🖊🖊🖊🥀🌹🌴✍️

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My New Poem...!!!


🌺

जो मनुष्य दूसरों की पीड़ा को
देख कर व्यतीत हो जाएँ

उस से उत्तम ओर काबिल कोई
मनुष्य हरगिज़ नहीं❗️

🌺

परमात्मा भी कभी किसी का
भाग्य ख़ुद नहीं लिखतें

जीवन के हर कदम पर हमारी
सोच हमारा व्यवहार और

हमारे रोज़मर्रा के कर्म ही हमारा
भाग्य खुद लिखते हैं ❗️

🌺

सौ मनुष्य को चाहिए कि अपने
रोज़ाना की दिनचर्या में

ग़ैरों की पीड़ा में सहभागी बन कर
पीड़ित की तीव्रता कम करे❗️

🌺

साथ ही कमँ की करनी सो भी प्रभुकी
मर्ज़ी को कमँ से रिझाते रहे

फिर तो भाग्य खुद ही चल कर आप
कि मुक्तिबोध को अंजाम दे ...❗️❗️


✍️🌲🌺🥀🖊🖊🖊🥀🌺🌲✍️

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My New Poem ....!!!!


किस को तुं क्या दें इसका कोइ हिसाब नहीं

पुतलेको महँगें कपड़े गरीबको लिबास नहीं

दरिया-दिली की तो तेरी कोई मिसाल नहीं

बूरे बंदे को तो तु देने पे आए तो बे-हिसाबों

में नवाज़ें, सच्चे के इम्तिहान में कोताही नहीं

तेरे अदल-ओ-इन्साफ़ का भी जवाब नहीं

किसी दस्तरख़ान के रौनक़ की मिसाल नहीं

किसी फटेहालको खानेंको लुक़मा तक नहीं

आवाज़ बुलंद से बात,किसीकी मजाल नहीं

बिना आवाज़ दिए भी तुं नवाज़ें, सवाल नहीं

हक़-परस्त रहनुमाईका भी कोई जवाब नहीं

जिसे चाहे अपना बना ले जिसे चाहे सज़ा दे

आमाल-ए-बंदे से तो कोई सरोकार ही नहीं

✍️🌲🌺🥀🖊🖊🖊🥀🌺🌲✍️

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My New Poem ....!!!!

मर्द के शर्ट 👔 के टूटे हूए ब़टन से

ले-कर टूटे हुए आत्मविश्वास तक

को जोड़ने का हुनर होता हैं स्त्री में...

कौटुम्बिक स्थितियों को परख कर

निचोड़कर,शब्दों से बिगड़ते रिश्तों

को जोड़ने का हुनर होता हैं स्त्री में....

भयानक हालातों में भी धैर्य-धीरज

और ध्यान से निडरता-पूर्वक लड़ने

का शौर्य-व-खुमारी होती हैं स्त्री में....

प्राणों की आहुति दे-कर भी वक़्त

आने पर कर्तव्य-परायणताओं की

लाज़ निभानेकी क्षमता होती है स्त्री में..

कुदरत की नायाब रचना हो-कर भी दुष्ट

पापी समाजों की तिरस्कृतता-व-धिक्कार

सह कर भी जीने की उदारता होती हैं स्त्री में


✍️🌴🌺🌲🥀🙏🥀🌲🌺🌴✍️

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