लिखने का शौक हैं ,तो लिख भी लेते हैं,,बंद पडी़ किताबो से धूल हटा कर कभी कभी पड़ लेते हैं,,हमें नहीं पता की हमे क्या चाहिए,जो ईश़्वर दे दे वहीं कुबूल कर लेते हैं,,एक छोटी सी बस कोशिश हैं और जिन्दगी को अपनी आज़मा लेते हैं,,

🙏🚩🙏🚩🙏
हमने शिव के आंचल में हां लिपट कर रो लिया,,
बहुत हो गया मोह माया का शिव के आंचल में सो लिया,,

छुप छुप कर मेरे स्टेटस 😉 पर आते हो-
ऐसा क्या है जो मुझसे छुपाते हो-
@seema kapoor

देखते हो मेरी ☺
तस्वीर बार-बार
और दातों तले
उंगलियां दबाते हो!

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हजारों ख़्वाब देखे थे,
हजारों बार इस दिल ने...
@सीमा कपूर
वो कप का एक
प्याला भी/तरसता साथ को तेरे!

क्यूँ,धिरते रहें
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@सीमा कपूर

क्यूँ-अंधकार में हम धिरते रहें,धिरते,रहें,धिलते रहें
क्यूँ-अपने आप से हम लड़ते रहें,लड़ते रहें,लड़ते रहें,

क्यूँ-खा़मोश आँखो से हम जीते रहें,जीते रहें,जीते रहें,
क्यूँ-घर की खिड़कियों से हम झाकते रहें,,झाकते रहें,झाकते रहें,

क्यूँ- बेजान जिस्म को हम बिस्तर पर निचोड़ते रहें,निचोड़ते रहें,निचोड़ते रहें,
क्यूँ-डर कर हम डर मे ही सिमटते रहें,सिमटते रहें,सिमटते रहें,

क्यूँ- एक तव़ायफ की तरह हम सिसक सिसक कर रोते
रहें,रोते रहें,रोते रहें,
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वक्त भले कठिन हैं पर क्यू़ँ-हम हार कर हार के बिस्तर
पर सोते रहें,सोते रहें,सोते रहें,

हाँ............
क्यू़ँ हम धिरते रहें धिरते रहें ,धिरते रहें.?

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