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Hey, I am reading on Matrubharti!

हर मौसम की तरह उसके
प्यार का भी एक मौसम बना दे
उसके प्यार की धूप को नज़्म
बना कर मेरे होंठों पर ला दे,
फक़त इतनी ख्व़ाहिश और
पूरी कर दे तू मेरी,
उसके प्यार के मौसम को
कभी ना गुज़रने वाला बना दे,

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मेरे इश्क का फूल कभी तेरे जूड़े का श्रंगार था
तो कभी वही फूल तेरे गले का हार था
नफरत में जब तूने उसका रस निचोड़ कर पिया
असल में वो मेरे दिल का लहू था!!!

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"कसक" लघु कथा

"क्या ये तुम्हारा आखिरी फैसला है"

"हां"

"एक बार फिर सोच लो"

"बहुत सोचने के बाद ही मैने ये फैसला लिया है" मेघा ने घास नौचते हुए कहा!!

"और मेरा क्या होगा..... मैं कैसे जियुंँगा तुम्हारे बगैंर" मंयक ने कहा!!

"जैसे मैं जियुँगी......मैंने तुमसे प्यार किया पर तुम्हारा साथ नही दे पाऊँगी मंयक.....हम मिडिल क्लास लड़कियां बहुत कमज़ोर होती हैं....हम प्यार तो कर लेती हैं पर निभा नही पाती क्योंकि हमारी सारी कमज़ोरी हमारी फैमिली होती है" मेघा ने आसमान की तरफ देखते हुए कहा "अगर माँ बाप की पसंद को अपना लो तो सब ठीक वरना अपने माँ बाप की खुशियों के लिए उनकी इज़्ज़त के लिए हमें अपनी खुशियों को कुर्बान करना ही पड़ता है"

मंयक ने मेघा की आवाज़ में दर्द को महसूस करते हुए मेघा को देखा!!

"मैंने भी ऐसा ही किया है....चाहे तुम मुझे बेवफा समझलो"

"नही मेघा तुम बेवफा नही हो...ज़रूरी तो नही प्यार में मिलन ही हो....तुम कल किसी ओर की हो जाओगी और हो सकता है कल आगे जाकर मुझे भी अपनी ग्रहस्थी बसानी पड़े लेकिन मेरे दिल में तुम और तुम्हारा प्यार हमेशा रहेगा" मंयक ने मेघा के आंसू साफ किये। उसे पता था उसकी मेघा से ये आखिरी मुलाकात है। आज के बाद वो मेघा को कभी नही देख पाएगा पर वो फिर भी मुस्कुरा दिया था!!

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"पल"

तेरे संग बिताए पलों को याद करके
ये दिल खिल जाता है,
हवा की सरसराहट से ये जीस्म भी
मचल-मचल जाता है,
कभी मिलकर हम मोहब्बत की
गज़ल गुनगुनाते थे,
पर जब याद आते हैं तेरे दिये हुए ज़ख्म
तो ये बदन छिल जाता है,

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