Hey, I am on Matrubharti!

"आज भी नंबर याद है तुम्हारा"

आज भी नंबर याद है तुम्हारा मैं एकदम शांति से तुम्हारा नंबर डायल करूंगी फिर कॉल पर क्लिक करूंगी लेकिन जब सिम सिलेक्शन का ऑप्शन आएगा ना, तो मैं बैक कर दूंगी फिर एक-एक करके तुम्हारे नंबर के सारे डिजिट को डिलीट करूंगी एकदम धीरे-धीरे...!!

मैं फिर से टाइप करूंगी और डिलीट
मैं ऐसा बार-बार करूंगी

गूगल ड्राइव से तुम्हारे नाम का फोल्डर बनाकर तुम्हारे तस्वीर रखे हैं मैं उस फोल्डर को खोलूंगी और नजर दूसरी तरफ करके तस्वीर को स्क्रॉल करूंगी...धीरे-धीरे...! देखूंगी नहीं तुम्हे !


फिर जब मेरे शरीर में तुम्हारी याद के साथ-साथ सिहरन उठेगी, जब तुम्हारे सारे वादे याद आ जाएंगे जब हर तस्वीर को भेजने से पहले और बाद को सारे चैटिंग याद आ जाएगी


मैंने तो तुम्हारे इग्नोर करने वाले स्क्रीनशॉट को भी संभाल रखा है उसे देखूंगी मैं और सोच लूंगी कि कैसे

जब मुझे तुम्हारी जरूरत थी तो तुमने ब्लॉक किया और तब याद आएगा तुम्हारा इग्नोर करना ! जब याद आएगा पैसे चाह कर भी तुम्हें एक मैसेज नहीं कर पाते हैं
तब मैं बिल्कुल भी रोना नहीं चाहूंगी..!!

बल्कि एक कहानी लिखूंगी
जिसमें किरदार तुम्हारे और मेरे होंगे,
लेकिन नाम नहीं होगा तुम्हारा,
फिर कहानी को मैं किसी जरिए से तुम्हें पढ़आऊंगी
और जब तुम्हें उस कहानी को पढ़ कर के उस जेंट्स किरदार पर गुस्सा आएगा,

जब तुम बोलोगे कि उसे क्या करना चाहिए था
जब तुम बोलोगे कि उसे लड़की पर भरोसा करना चाहिए था !
जब तुम उसे बेवफा बोलोगे
तब मैं तुम्हें बताऊंगी कि "यह तुम ही हो जाना"...!!


# तुम # तुम्हारी याद # जान # लव यू # मेट्रोभारती

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मैं जानती हूं कहानी का आखरी मंजर,
मैं रोकती रहूंगी, और वह चला जाएगा..!!

-Shalini Gupta

तेरे दिल के कमरे में,
मेरा इश्क फांसी चढ़ गया..!!

-Shalini Gupta

दिल की तनहाई को post बना लेते हैं, दर्द जब हद से गुजरता है तो "Matrubharti" चले आते हैं..!!

-Shalini Gupta

यह Matrubharti ही बेहतर है तमाम ठिकानों से !

यहां हाल-ए-दिल बयां तो होते हैं अल्फाजों से !

बस कुछ ख्याल से आंसू छुपा लेते हैं हम "अपनी"
उदास रह कर सभी को उदास क्या करना..!!

-Shalini Gupta

नुमाइश करने से इश्क बढ़ नहीं जाता
इश्क वह भी करते हैं, जो इजहार नहीं कर पाते..!!

जमीन भी गुम हो,
आसमान भी गुम हो

कोई तो हो जहान,
जहां सिर्फ "हम" और "तुम" हो..!!

"मतलब" ही वह शब्द है जनाब
जिससे जुड़े हैं रिश्ते बेहिसाब

मोहब्बत वह बारिश है साहब जिसके आने से जिंदगी हरी-भरी हो जाती है

और जाने से दुनिया रेगिस्तान सी नजर आती है
हाथ कुछ नहीं रहता फिर और जिंदगी बिखर सी जाती है

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