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Hयाद आते है वो दिन वो राते जब ख्वाबो में आप ही होते थे.. गुजर गए वो दिन वो राते अरसा गुजर गया पर वो नूर आज भी मौजूद है खुद की आखों में ....ey, I am reading on Matrubharti!

जो चाहत का काजल आँखों मे लगाए रहते है,

नफरत ओर दाग से अपना रिश्ता बनाये रहते है।।

मोहब्बत को करार का नाम न दो, मोह्हबत कोई सौदा नही,वफ़ा के बदले वफ़ा न चाहो, बस अपनी वफ़ा पे कायम रहो।

इश्क को क्यो दर्द ,टीस , खामोशी कहते हो, अरे इश्क तो वो गुलाब है,जिस हाथ होगा खुशबूए मेहबूब होगा।।

तेरे अल्फाजो में है इश्क की खुशबू, क्यो आंसुओ में डूब कर उसे बदनाम करते हो ।।

इश्क कोई खैरात नही , दवा है तो कहर भी है, जिसे हो जाये , अपने मंजर के साथ बहा ले जाता है।