One can experiences direct experience like suspense, thriller, action, romance, murder mystery in short story, long story and red it in my written book most of the stories, novels, social, spiritual, inspirational, creative, imaginative, Psychological, etihasic, technological, love emotional, Buddha, I have written books on all these topics and write Poetry, well thought out and creative quotes.. There are occupations and passions that flow in my blood like a veil Always... by--- Shekhar Kharadi

#Azadi

चल प्रिये....
खुलें आसमां में उड़ चलें, गुनगुनाते गीत गाते हुए
न कोई पाबंदी की जंजीरें, न कोई कंटीली सरहदें
न कोई ड़र की झंझटे, न कोई व्यंग्य की लकीरें
बस उन्मुक्त पंछी बनके, यह सफ़र हम तय करें
अपार प्रेम में डूबके, हृदय से आज़ादी स्वीकारें ।

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#Azadi


हम तेरे प्यार में ऐसे गिरफ्त हुए
न रिहाई मिली, न छुट्टी मिली
न सुकून मिला, न आज़ादी मिली ,
बस ता-उ-म्र दिल की बर्बादी मिली

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#Azadi आज़ादी

हम तन से आज़ाद है
लेकिन..
मन की आज़ादी से नहीं

कहने के खातिर, दिखाने के खातिर
यहां सच्चाई को हर पल, हर दिन
दबाया-मरोड़ा- कुचला जाता है
हक़ की लड़ाई कानून के शिकंजे में ही
चिल्ला-चिल्लाकर दम तोड़ देती है
न उम्मीद मिली, न न्याय मिला ।

बस हर तरह जलीलता का व्यवहार मिला
सत्ता भूखे दौगले व्यवसाय में फंस कर
मतलबी-फरेबी-ढोंगी- बेइमान बन बैठे
कुर्सी चाहत में रोज पार्टिया बदलते है
वैसे हर दिन कपड़े तरह ब्यान बदलते है
कैसे करें जनता भरोसा ऐसे नेताओं पर
जो गिरगिट की तरह रंग बदलते है ।

हमें आज़ादी संघर्ष, शहादत से मिलीं
पर ये सत्ताधारी देश लूट-लूटकर खा गए ,
काला चिट्ठों का हिसाब लगाएं इतना कम पड़ जाए
एक ही थाली के चट्टे-बट्टे भ्रष्टाचार का ज़लज़ला लेकर
भोली-भाली जनता को जुबानी जुमले से उल्लू बनाते रहें ।

यक़ीनन आज़ादी तभी मिलेंगी ,
जब जनता एकसाथ हुंकार भरेंगी
बेगैरत-बेइमान-बेपैन्दी के खिलाफ़ ,
मैदान-ए-जंग का खुलेआम ऐलान करेंगी
तभी असलियत में विचारों की आज़ादी मिलेंगी ।

- शेखर खराड़ी इड़रिया
तिथि-१९/१/२०२२

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