एक खुली किताब हूं मैं, कभी पढ़ कर तो देख...हर पन्ने पर लिखी है तेरे इश्क़ की दास्तां, कभी पन्ने पलट कर तो देख...

ना हम सफर ना किसी हमनशीं से निकलेगा, हमारे पांव का कांटा हमी से निकलेगा ...
राहत इंदौरी

तेरे लिए वाट्सएप तो क्या आनलाईन आना भी छोड़ देते, लेकिन बात सिर्फ इतनी सी थी, तुम कभी कहकर तो देखते ...😊

सपाट सड़क पर चलकर सफलता पाने वाले क्या जाने उस सफलता के कठिन स्वाद को, जो जिंदगी के पहाड़ पर ट्रेकिंग करने वाले हासिल करते हैं, बिना किसी सहारे और मदद के...

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