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हिंदू नववर्ष का प्रारंभ चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है। इस साल हिंदू नववर्ष का प्रारंभ आज 02 अप्रैल दिन शनिवार को चैत्र नवरात्रि से हुआ है। हिंदू नववर्ष को विक्रम संवत या नव संवत्सर कहते हैं। इसका प्रारंभ सम्राट विक्रमादित्य ने किया था, जो चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरु होता है। आज हिंदू नववर्ष 2079 या विक्रम संवत 2079 का प्रारंभ हुआ है। हिंदू नववर्ष को विक्रम संवत, नव संवत्सर, गुड़ी पड़वा, उगाड़ी आदि नामों से भी जाना जाता है। विक्रम संवत के प्रथम दिन से ही बसंत नवरात्रि का प्रारंभ होता है, जो चैत्र नवरात्रि के नाम से लो​कप्रिय है।

विक्रम संवत 2079 का प्रारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से होता है। इस बार चैत्र माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 01 अप्रैल को दिन में 11:53 बजे से हो रहा है और इसका समापन 02 अप्रैल को दिन में 11:58 बजे होगा। ऐसे में सूर्योदय के आधार पर तिथि की गणना होती है। इस प्रकार विक्रम संवत 2079 या हिंदू नववर्ष 2079 का पहला दिन 02 अप्रैल से शुरु होगा।

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राहों की मुश्किलों से
क्या चलना छोड़ देंगे...
वो मुहब्बत ना करें हमसे,
तो क्या हम मुहब्बत करना
छोड़ देंगे...!!!



- SHUBHAM SONI

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तेरी गली से गुजरे, तो तेरी याद आई,,
आरजू तो बहुत थी, तुमसे मिलने की,,
लेकिन,, मुझे तेरी बेवफाई याद आई...!!!

- SHUBHAM SONI

तू साथ चल या छोड़ दे,,
तू जान है ये जान ले..!!

तुम्हें आईने में देखने की हिम्मत नहीं है मेरी,,
जो टूट गया तो...
तुम्हारे हजारों चेहरे
दिखा देगा..!!!




- SHUBHAM SONI

बड़ी बारीकी से वो बारीकियां देख लेते हैं...
ज़ख्म देने से पहले वो मरहम खोज लेते हैं...!!


- SHUBHAM SONI

आज भी जब बचपन में खेली होली
याद आती है..
मेरे यादों की झोली खुशियों से
भर जाती है..
सुबह से ही गुब्बारों में रंग
भर लेते थे..
दिखे जो भी गली में उसे रंग
दिया करते थे..
शाम तक सारी गलियों में रंग ही रंग
नजर आता था..
हर कोई खुशियों के रंग में नजर
आता था..
होली खेलने के बाद रंग छुटाने की
जुगत होती थी..
मां बहुत डांट-फटकार लगातीं थीं
क्योंकि..
रंग छुटाने में पानी की टंकी जो
खाली होती थी..
मां नए नए पकवान बना सबको
खिलातीं थी..
जिससे सभी के चेहरों पर मुस्कान
आ जाती थी..
कुछ ऐसे ही बचपन में होली के रंग
हुआ करते थे..
जब हम होली को होली की तरह
जिया करते थे..


#HappyHoli

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ये होली का रंग हमे भी कुछ रास आने लगा...
जब से वो शख़्स हमें रंग लगाने आने लगा...!!!
#HappyHoli

होली तेरे संग खेलना चाहते हैं....
गुलाल नहीं, तुम्हें प्रेम से रंगना चाहते हैं..!!!
#HappyHoli

होली के इन रंगों पर आज भी तेरा नाम लिखा है,
तेरी कसम, तेरे सिवा ये रंग किसी को नही लगा है
#HappyHoli