नाम-श्वेता मिश्र सम्प्रति- फैशन डिजाईनर स्थान --नाइजीरिया लेखन विधाएँ-कविता गजल नज़्म कहानी प्रकाशित कृतियाँ- (कविता एवं कहानी) -- साहित्य अमृत, रचनाकार , अपना ब्लॉग ,पुष्पवाटिका मासिक पत्रिका(मई २०१४ से नियमित ....) अटूट बंधन मासिक पत्रिका तथा अन्य समाचार पत्र पत्रिकाओं में कवितायेँ एवं कहानियां प्रकाशित पत्रिका – साहित्य कुंज, लेखनी, साहित्य रागिनी ,युवा साहित्य,हमरंग.com आदि में भी

इस ख़िज़ाँ की रुत में अपना साथ अच्छा रह गया

सब पराए हो गए इक मैं ही अपना रह गया !!

गहरा रहा है रंग स्याह

शायद है ये अंधियारे अमावस की आह ~$M

कुछ बहकी सी हैं हवाएं

इन्हें कुछ तो हुआ है

गुलों को छू के गुजरी हैं हवाएं

या मेरी जुल्फों को छुआ है ~ $M~

तू खवाब है तो आँखों से मिल

....तू राज है तो बातों से मिल

मझधार से बहार आ तू साहिल पर मिल ~$M~

कसक दिल में अब भी ठहरी है

......रूह इश्क की दुपहरी है ~$M

कसक दिल में अब भी ठहरी है

......रूह इश्क की दुपहरी है ~$M

तुम्हारा दिल मिरे दिल के बराबर हो नहीं सकता
वो शीशा हो नहीं सकता ये पत्थर हो नहीं सकता
~दाग़ देहलवी

अब आ गई है सहर अपना घर सँभालने को
चलूँ कि जागा हुआ रात भर का मैं भी हूँ