I love to write my experiences in a story.... हिंदी-मराठी कथा, कविता, चारोळ्या, आणि अनुभव लेखन खूप आवडते. पार्टटाईम जाॅब करते प्राथमिक शिक्षिकेचा बाकी छंद रोज नवेनवे जोपासत असते. लिखाणाबरोबर वाचन, स्वयंपाक, craft, drawing, travelling असे बरेच छंद आहेत. आपण मला instagram वर ही follow करू शकता. instagram I'd @marathi_short_poetry

भेटण्याचा योग आता शक्य नाही
लाॅकडोऊनमुळे फिरणे शक्य नाही


#भेटणे

काल खरचं आठवणीत
जपण्यासारखा दिवस होता,
तुला भेटण्याच्या ओढीने
रस्ता ही थोडा होता,
गजबजलेल्या रस्त्यावर
हरवल्याचा भास झाला,
जेव्हा तु समोर आला,
तेव्हा कुठे जिवात जिव आला....
-सोनल सुनंदा श्रीधर

#भेटणे

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हसून लपवले दुःख नेहमी
असेच पचवले क्षणो क्षणी
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सोनल सुनंदा श्रीधर

#अव्यक्त
#अनकहा
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माझी कथा तुझ्यापाशी मांडण्याची हिंमत झाली नाही
भावना मनात अव्यक्त अन् माझी किंमत कळली नाही
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सोनल सुनंदा श्रीधर घेवंदे
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#अव्यक्त #अनकहा
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अव्यक्त भावना ओठांवर रेंगाळते
तु समोर येता मला मी विसरते
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सोनल सुनंदा श्रीधर


#अनकहा

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चलो कुछ अनकहा ही रहने दो
कहा सब सुनते है कही हुई बातें
सब सुनकर अनसुना कर देते है
सारी जाने-अनजानी जज़्बाते
- सोनल सुनंदा श्रीधर
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#अनकहा

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# हिंदी #कविता
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अजीब है जिन्दगी,
अजनबी करवट लेती है,

ना जाने कब से टहल रही होगी,
ना जान कब सुकून पायेगी ।

अनकही, अनसुनी मनमानी है,
जिन्दगी तेरी क्या कहानी है ।

जबसे होश संभाला है,
तबसे बस चारोओर खुशिया है ।

ज़िन्दगी तेरे हर मोड पर कोई
नई कहानी है ।
सोनल सुनंदा श्रीधर
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#अनकहा

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अनकही बातों को दफनाया ही रहने दो मेरे खुदा
सुना है गडे मुर्दे को भी अकड़ना बखूबी आता है।
-सोनल सुनंदा श्रीधर
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#अनकहा

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 शिर्षक - एक भेट
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ज्याच्या साठी जागतेय
त्याला एकदा जाग यावी
मरण्याआधी माझ्या एकदा
 त्याची माझी भेट व्हावी

कित्येक रात्री ओलांडून
डोळे थकलेत जणू माझे
कसे पेलणार या वयात
जगण्यावर मरणाचे ओझे

कित्येकदा कहाण्या त्या
रोज पुन्हा पुन्हा वाचाव्यात
आपल्या एका भेटीसाठी
कित्येक पिढ्या घालाव्यात
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  ✍️सोनल सुनंदा श्रीधर
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ना जाने कैसे उनकी हर बात मे नरमी थी
जब भी मिलते मुहब्बत-सी लगती थी।


#नरम