I am kamni gupta from jammu.Writing is my hobby. I have participated in five sanjha sangreh and my poetry published in different newspapers and magazines .

घोंसले में आकर रात को थोड़ा सा मां विश्राम करती है,
सुबह से सांझ अपने बच्चों की भूख का इंतज़ाम करती है।

कामनी गुप्ता***
जम्मू !
#Nest

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मौसम तो बदल जाते हैं पल में,
रह गए खामोश क्ईं इसी उलझन में,
वो एहसासों की बातें करते हैं हरदम,
यहां मिलते नहीं मिल कर भी दिल, दिल से।

कामनी गुप्ता***
जम्मू !

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बहुत शरारती हैं तुम्हारे नयन
साथ रहूं तो शरमाते हैं नयन
दूर जाऊं तो देखो कैसे फिर
पर भर में भर आते हैं नयन।

कामनी गुप्ता***
जम्मू !
#Naughty

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मतलब से प्यार नहीं किया था हमने तुमसे सुनो पिया,,
तुम्हें प्यार में हमारे मतलब मिला नहीं और हमें खो दिया।

कामनी गुप्ता***
जम्मू !

#Meaning

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मैं खुद से खुद का परिचय कराता हूं इस तरह....
कभी खुद को भी गैर समझता हूं तुम्हारी ही तरह।

कामनी गुप्ता***
जम्मू !
#Myself

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कहना था बहुत कुछ गर तुम समझ पाते
साहिल पे ठहर कर न लहरों से यूं घबराते
पाकर भी तुमने खोया है ऐ मेरे हमसफ़र
अब अजनबी से हम तुम नज़र हैं आते।

कामनी गुप्ता***
जम्मू !

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ये सच है कि हम मिले तो थे किस्मत से मगर ..
बिछड़े हैं तो क्या ये भी तो मुकद्दर की बात है।
कामनी गुप्ता***
जम्मू !
#Luck

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रात भर जलता रहा जो दीया रोशनी के लिए...
इक किरण ने उसे असहज कर दिया।

कामनी गुप्ता***
जम्मू !
#Light

दूर का सफ़र है...
#दूरकासफ़र #collab #yqdidi #YourQuoteAndMine
Collaborating with YourQuote

रखा है बहुत संभाल के अब भी वो गुलाब...
जिसे कभी दिया था तुमने अपना जान कर।

कामनी गुप्ता***
जम्मू!
#Keep