Best Humour stories stories in hindi read and download free PDF

जासूसी का मज़ा भाग 4
by Kanupriya Gupta

चौधरी जी थोड़ी देर बाद घर वापस आए तो क्या देखते है चौधराइन सर पर चुन्नी बांधे एक हाथ माथे पर टिकाए सोफे पर पड़ी है उनने मजाकिया लहजे ...

दो बाल्टी पानी - 34
by Sarvesh Saxena
  • 150

वर्माइन ने गोपी को संडास के बाहर बिठाया और खुद पास के तालाब से पानी भरने चली गयी, चारों ओर सन्नाटा पसरा था जो झिंगूर की आवाजों से बार ...

जासूसी का मज़ा भाग 3
by Kanupriya Gupta
  • 414

बैठक में से चौधरी जी की आवाज़ आई "सुनती हो ज़रा बाहर का चक्कर लगाकर आते है" ये कहकर जब चौधरी जी और आनंद घर के बाहर गए तो ...

हास्य कथा: दिवाली की झालर
by Swapnil Srivastava Ishhoo
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हास्य कथा : दिवाली की झालर नमस्ते! उम्मीद है आप सब अच्छे होंगे, अजी उम्मीद क्या पूरा विश्वास है| वैसे कई दिनों से लिखने की सोच रहा था पर लिख ...

दामाद जी
by RISHABH PANDEY
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एक जमाने में दामाद की पूंछ परख और स्वागत का तरीका भी अलग ही ठंग का होता था।जब कभी।दामाद जी ससुराल जा धमकते अफरातरफी का माहौल बन जाता था।यदि ...

दो बाल्टी पानी - 33
by Sarvesh Saxena
  • 390

सुनील ने झुंझलाते हुये कहा “ अरे और कौन करेगा??? अईसा कोई है गांव मे जो हमारे कान काट सके, और तुम्हे ...तुम्हे का , जो तुम बनी दरोगा ...

गिद्ध भोज
by padma sharma
  • 249

गिद्ध भोज गोविंद ने अपने पास लगी कनात के बाहर झांका तो उसे मेले की तरह टूट पड़ती खूब भीड़ दिखी। सजे धजे शामियाने, रंगबिरंगी झिलमिलाती रोशनी और चहल-पहल ...

हास्य कहानी: करन - अर्जुन और हम
by Swapnil Srivastava Ishhoo
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यू-ट्यूब पर श्रीमती जी करन-अर्जुन देखने बैठीं तो हमारी करीब पच्चीस साल पुरानी प्रतीज्ञा आज टूट ही गई…जिस बेबाकी से आज कल के बच्चे माँ बाप से बोल देते ...

कार में भूत
by mim Patel
  • 336

एक व्यक्ति देर रात को घर लौट रहा था कि अचानक रास्ते में उसकी कार खराब हो गई।रात बहुत हो गई थी और अंधेरा भी काफी ज्यादा था, मोबाइल ...

जासूसी का मज़ा भाग 2
by Kanupriya Gupta
  • 498

पार्ट - २ अब तक आपने पढ़ा की “द इगल “ मटर कचोरी और हलवे की खुशबु से महक रहा है और चौधरी दंपत्ति की ज़िन्दगी में ठहराव सा ...

लॉकडाउन की आजाद जिंदगी
by Archana Anupriya
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   "लॉकडाउन की आजाद जिंदगी" बचपन से लेकर अब तक इस लॉकडाउन के दौरान जितनी आजादी मुझे मिली, उतनी तो मेरे पचपन साल की जिंदगी में नहीं मिली।..अरे..!आप हँस रहे हैं ...

दो बाल्टी पानी - 32
by Sarvesh Saxena
  • 507

ये कहकर जैसे ही बब्बन हलवाई ने बाल्टी उठाई तो उसका हांथ किसी ने पकडा, उसने नजर उठाकर देखा तो सामने सुर्ख लाल साडी मे एक औरत थी जिसका ...

पतिदेव का हलुआ प्रेम
by Saroj Prajapati
  • 507

शादी के बाद आज ममता की पहली रसोई थी। वैसे तो ममता खाना बनाने में माहिर थी, लेकिन ससुराल में पहली बार खाना बनाते हुए उसे भी बहुत डर ...

पार्षद के सुअर 
by Alok Mishra
  • 378

                पार्षद के सुअर              हमारे  हिन्दी निबंध  हमेशा से ही ‘‘ भारत गाँवों में बसता है ’’  जैसे वाक्यों से प्रारम्भ ...

जासूसी का मज़ा भाग -1
by Kanupriya Gupta
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रसोई से सुबह सुबह आती कचोरी और हलवे के घी की खुशबू किसी खास अवसर के होने की गवाही दे रही थी. चटोरों के शहर इंदौर के वैशाली नगर ...

दो बाल्टी पानी - 31
by Sarvesh Saxena
  • 687

डेढ से दो घंटा हो गया पर बिजली वाले बाबू जी ने वर्मा जी और मिश्रा जी की कोई सुध ना ली और थक हारकर इस बार वर्मा जी ...

एक मुट्ठी दाल और कुकर की सीटी
by Saroj Prajapati
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शाम को 4:00 बजे शॉपिंग करने के बाद प्रिया व उसके पति रौनक थक हार कर घर में घुसे। सामान रखकर जैसे ही वह बैठी थी कि रौनक बोला ...

दो बाल्टी पानी - 30
by Sarvesh Saxena
  • (11)
  • 798

सुनील के इस व्यवहार से बेताल बाबा नाराज होकर बोले “ अरे मूर्ख सुधर जा वर्ना गुजर जायेगा, हमसे विद्रोह ना कर, यही तो वो चुडैल चाहती है” | ...

बन गया बच्चे का करियर
by r k lal
  • (19)
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बन गया बच्चे का करियर आर० के० लाल               हर मां-बाप की तमन्ना होती है कि उसकी संतान एक अच्छा नागरिक बन कर सुखी जीवन यापन करें। मैं ...

गृहस्थी के दल
by Archana Anupriya
  • 1.2k

         "गृहस्थी के दल""आजकल दल बनाने का फैशन जोरों पर है। राजनीति का मैदान हो या घर का आँगन-सभी इसमें शामिल हैं"- यही बात मैंने कल अपने घर में खाने ...

दो बाल्टी पानी - 29
by Sarvesh Saxena
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धुयें का असर होते ही सुनील को बेहोशी सी आने लगी और उसका शरीर ढीला पडने लगा | “ बोल ......कौन है तू.......कौन है तू...और कहां से आई है ..बता ...

एहसास
by S Kumar
  • (20)
  • 750

जिंदगी की राहों में चल चला हूँ ...जिंदगी की राह में मोहब्बत ही मोहब्बत है...किन्तु वो मोहब्बत में एक हसीन एहसास है...जिंदगी की मुश्किल राह है....वो राह में हवा ...

दो बाल्टी पानी - 28
by Sarvesh Saxena
  • 1.1k

“ बम बम भोले......बम बम भोले .....करता हूं विनाश शैतानों का....भूत चुडैल, प्रेत डायन....कोई नही टिकता मेरे आगे, कर दे सबका चंग़ा हाल....नाम है मेरा बाबा बेताल......” | गांव मे जब ...

लाल दंत मंजन - हास्य कहानी
by Swapnil Srivastava Ishhoo
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  • 1.1k

बात उन दिनों की है, जब मास्क की तरह लाल दंत मंजन भी हर घर का एक अभिन्न हिस्सा हुआ करता था| टूथपेस्ट कोई भी आए, दंत मंजन तो ...

गोविंद दियो मिलाय
by Medha Jha
  • 654

गोविंद दियो मिलाय गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाय बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो मिलाय। अब पाय तो गोविंद के ही लगना पड़ेगा ना, उसके बिना तो स्कूल ...

हास्य कहानी : पॉकेट रेडियो -छोटी उम्र की खुराफात का एक नमूना
by Swapnil Srivastava Ishhoo
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  पिछले पंद्रह मिनट से हम तीन फिट की दीवार पर कान पकड़े खड़े थे और माता जी गुस्से से हाथ में हमारा ही प्लास्टिक का बैट लिए इंतजार ...

दो बाल्टी पानी - 27
by Sarvesh Saxena
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उधर ठकुराइन अभी अपनी चोटी कटने के दुख से उबरी नही थीं कि पिंकी की चोटी कटने से और सदमे में आ गयीं, जब ये बात स्वीटी को पता ...

रील कट गई….
by Swapnil Srivastava Ishhoo
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दूर कहीं जानी पहचानी धुन बज रही थी, लगा की सुनी सुनाई सी है, कान के पट थोड़े और खोले तो जान पड़ा कि अपने ही मोबाइल की रिंगटोन ...

लोक कथा लटूरी -दद्दा का भूत
by राजनारायण बोहरे
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 राजनारायण बोहरेर- लोक कथा -लटूरी दद्दा का भूत बहुत पुरानी बात है, एक गांव में कोटवार के रूप में तैनात एक अत्यंत सीधे-सादे और बड़े भोले व्यक्ति लटूरी दद्दा ...

21 डेज टु क्विट अ हैबिट
by Swapnil Srivastava Ishhoo
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21 डेज टु क्विट अ हैबिटनमस्ते! सिगरेट, शराब, पान-मसाला खाने वालों की ज़मात में अक्सर यह नसीहत आम सुनाई देती है कि, आप इक्कीस दिन किसी बुरी आदत से ...