Best Novel Episodes stories in hindi read and download free PDF

सपनों का राजकुमार - 7
by shelley khatri

भाग 7 स्कूटी खड़ी करके वह अंदर आ गई। मम्मी हॉल में ही थी। क्या हुआ, उन्होंने रत्ना का मुरझाया चेहरा देख कर पूछा। और छूट दीजिए इसे। कल ...

बेगम पुल की बेगम उर्फ़ - 3
by Pranava Bharti

3 -- दिल्ली और मेरठ के बीच गाज़ियाबाद शहर स्थित है जहाँ गौड़ परिवार का निवास था | रामनाथ गौड़ के पिता मेरठ के पास बागपत से गाज़ियाबाद में ...

मिसमैच_द_चार्जिंग_प्वाइंट - भाग 2
by saurabh dixit manas
  • 177

#मिसमैच_द_चार्जिंग_प्वाइंट #भाग_2 #अब_आगे......“अब सबसे पहले उड़ भी लो....” अपने आगे की सीट पर बैठी उसी लड़की को लैपटाॅप पर कुछ टाइप करता देख प्रख्यात मन में बोला।“ओह! मैडम तो ...

रत्नावली 13
by ramgopal bhavuk
  • 186

  रत्नावली रामगोपाल भावुक                              तेरह                                         आस्थाओं-अनास्थाओं में युगों-युगों से संघर्ष होता रहा है। विजयश्री कभी आस्थाओं को मिली है, कभी अनास्थाओं को। आस्थाहीन ...

कैसा ये इश्क़ है.... - (भाग 26)
by Apoorva Singh
  • 354

अर्पिता की नजर खंभे के पास खड़े एक शख्स पर पड़ती है।एक क्षण को तो वो चौंक जाती है।अपनी आंखें और फैलाती है देखती है और धीरे से कहती ...

सुलोचना - 6
by Jyotsana Singh
  • (11)
  • 555

भाग-६ सफ़र ख़त्म हुआ कार कोठी में प्रवेश कर रही थी पर ये दोनो ही सफ़र के और लम्बा होने की दुआ माँग रहे थे। मन के परवाज़ बड़े ...

भेद - 6
by Pragati Gupta
  • (15)
  • 723

6. तेरे दादा जी ज़िद थी कि सभी बच्चों को ख़ूब पढ़ाकर समर्थ बनाना है| उन्होंने घर में पढ़ाई के लिए बहुत अनुशासन रखा| तभी सब बच्चे पढ़-लिख गए। ...

डायरी ::कल्पना से परे जादू का सच - 6
by Swatigrover
  • 150

6 सब उस शीशे में देखकर हैरान हो रहे थें, गौरव एक पेड़ पर बैठा हुआ था और अब उल्लू बन चुका था । जो फल उसने खाया था, ...

सपनों का राजकुमार - 6
by shelley khatri
  • 231

भाग 6 रत्ना का बहुत मन हो रहा था कि वह स्कूल में अपने दोस्तों को रंजन के बारे में बताए पर हर बार रंजन की बात याद आ ...

ये भी एक ज़िंदगी - 3
by S Bhagyam Sharma
  • 249

अध्याय 3 उस जमाने में लड़का-लड़की दिखाने का रिवाज था। उस रिवाज के मुताबिक लड़के वाले मुझे देखने आ रहें थे। मेरी नानी मुझे कुएं के पास पिछवाड़े में ...

तोड़ के बंधन - 6
by Asha sharma
  • 438

6 “मिताली जी! कल सुबह एक इंपोर्टेंट मीटिंग है. जरूरी इन्फॉर्मेशन आज ही कलेक्ट करके फ़ाइल बना देना.” सिन्हा साब ने दोपहर बाद मिताली को हिदायत दी. “ठीक है ...

प्रतिशोध - 3
by Ashish Dalal
  • 321

(३) अंधेरें में दोनों कुछ देर तक आपस में लिपटकर एक दूसरे की देह की गर्माहट को अनुभव करते रहे । तभी लाईट आ गई और पूरा कमरा फिर ...

अबकी बार... लल्लन प्रधान - 2
by Bhupendra Singh chauhan
  • 168

#पार्ट_2                           ★■★                         जज्बाती लल्लन      ...

आजादी - 21
by राज कुमार कांदु
  • 129

” लेकिन एक शंका है । ” ,अचानक मोहन की आवाज सुनकर राहुल उसकी तरफ घूम गया था ।” हां ! हाँ ! कहो ! क्या कहना चाहते हो ...

बेगम पुल की बेगम उर्फ़ - 2
by Pranava Bharti
  • 357

2--- वह एक ऐसा ही दिन था जैसा हर रोज़ उगता है, उसकी खिड़की के बाहर से झाँकता , उसे आवाज़ देता सूरज, न उठने पर उसे सौ-सौ लानतें-मलामतें ...

रत्नावली 12
by ramgopal bhavuk
  • 285

रत्नावली रामगोपाल भावुक                              बारह                    राजापुर गॉँव यमुना की कछार में बसा है और रत्नावली का घर यमुना के किनारे पर। घर का मँह यमुना ...

खूबसूरत मोहब्बत - भाग - 13
by लक्ष्मी सवाई
  • (17)
  • 1.9k

यहां मनन मनाली के कमरे में आया तो उसके कदम दरवाजे के दहलीज पर ही आकर रुक गए। मनाली सो चुकी थी और उसके सर पर रिहान हाथ फेरे ...

मानस के राम (रामकथा) - 47
by Ashish Kumar Trivedi
  • 156

‌                          मानस के राम                              ...

क्लीनचिट - 15
by Vijay Raval
  • 447

अंक - पंद्रह/१५डॉक्टर अविनाश का उनकी प्रतिष्ठा के विरुद्ध निराधार औैर विचार-विमर्श के विरोधाभास औैर एकदम बेसिरपैर जैसे निवेदन से शेखर के भीतर के निष्क्रिय शंकास्पद विचारों ने शेषनाग ...

दूध का दरिया एक वरदान बना अभिशाप - 4
by टीना सुमन
  • 204

अब तक आपने पढ़ा किस तरह रणविजय मुंबई से नाहरगढ़ आता है ,और सांप से उसका सामना होता है ।अब पढ़िए आगे-सांप से बचने के लिए जैसे ही रणविजय ...

कैसा ये इश्क़ है.... - (भाग 25)
by Apoorva Singh
  • 435

अर्पिता किरण के इस व्यवहार को इग्नोर कर देती है।वो दोबारा उठ कर किरण के पास जाती है और उसे दोबारा से गले लगा लेती है।किरण और अर्पिता दोनो ...

सुलोचना - 5
by Jyotsana Singh
  • 570

भाग-५ तीन चार साड़ी लाल और पीले रंग में पसंद कर चुकी तो एम.के.बोला- “आप को बस दो ही रंग पसंद हैं क्या?” वह सकपका गई रंग के पीछे ...

भेद - 5
by Pragati Gupta
  • (15)
  • 1.1k

5. शायद यही वज़ह थी जब दादाजी ने दूसरी स्त्री के साथ नाता जोड़ा, तो उनको यह बात बहुत अख़र गई| कोई भी औरत ख़ुद के जीते-जी यह बर्दाश्त ...

डायरी ::कल्पना से परे जादू का सच - 5
by Swatigrover
  • 267

5 सबने उनकी बातें ध्यान से सुननी शरू कर दी। "हम जिस लड़की को डरा कर आये थें न, वह इस जंगल में फँस गई हैं।" "एक बार हमारे ...

ये भी एक ज़िंदगी - 2
by S Bhagyam Sharma
  • 276

अध्याय 2 एक दिन हमारे पिताजी भाइयों को बुला कर कुछ कह रहे थे और मेरे जाते ही चुप हो गए। मुझे तो यह बात बुरी लगी। मैं रोने ...

सपनों का राजकुमार - 5
by shelley khatri
  • 249

भाग 5 सबसे पहले वह सनराइज कॉलोनी पहुंचा। कॉलोनी के बाहर के मेडिकल स्टोर से दो चॉकलेट और एक लिप बाम  खरीदी। बाइक दुकान के बाहर छोड़कर अंदर चला ...

प्रतिशोध - 2
by Ashish Dalal
  • 309

(२) नैतिक का सवाल सुनकर श्रेया चुप थी । फिर खुद ही बोलने लगी, ‘तुम्हें यह तो पता ही है कि रोहन के पापा मेरे पापा के बहुत करीबी ...

तोड़ के बंधन - 5
by Asha sharma
  • 378

5 इधर दोनों परिवारों का बढ़ता मेलजोल मोहल्ले में आम चर्चा का विषय होने लगा. लोकेश भी इन सबसे अनजान नहीं था. हालाँकि वह मिताली को इस आँच से ...

झंझावात में चिड़िया - अंतिम भाग
by Prabodh Kumar Govil
  • 258

कोई नहीं जानता था कि काल के कैलेंडर में अगला वर्ष एक नया तूफ़ान लिए सामने खड़ा है। फिज़ा में कुछ ऐसी खौफ़नाक तरंगें तैर रही थीं कि सबके ...

खूबसूरत मोहब्बत - भाग - 12
by लक्ष्मी सवाई
  • (13)
  • 1.4k

मनन फिर से खिड़की के पास खड़ा हो गया और एक गहरी सोच में डूब गया। मनन गहरी सोचके साथ बढबढाते हुए बोला- बहुत गलत कर दिया तुमने निशा अबकी ...