Best Novel Episodes stories in hindi read and download free PDF

चाहत - 3
by sajal singh

पार्ट -3              शाम को डिनर के बाद मैंने भैया और भाभी को अपने कॉलेज में फर्स्ट डे के बारे में बताया | साथ ...

दो आशिक़ अन्जाने - 1
by Satyadeep Trivedi

रात के ढाई बज रहे हैं। पूरनमासी का चाँद सूरज को न्यौता देकर छिपने की तैयारी में है। ट्रक का स्पीडोमीटर अस्सी से सौ के बीच डोल रहा है। ...

मैं तो ओढ चुनरिया - 14
by Sneh Goswami

  मैं तो ओढ चुनरिया अध्याय - चौदह      अभी तक आप पढ रहे थे , मेरे होने के बाद माँ की जिंदगी में व्यवस्था आने लगी थी ...

नविता की कलम से... - 8 - मैं कैसे कहो ..मैं अनाथ हो ..
by navita
  • 207

??मैं कैसे कहो ..मैं अनाथ हो ..??अनाथ ... का मतलब क्या है ? मैं आप सब से पूछती हो ....???......अनाथ मतलब जिस बच्चे के माँ बाप नहीं होते l Right सब ...

60 डेज - अंतिम भाग
by S Sinha
  • 204

अंतिम भाग  3   पिछले भाग में आपने पढ़ा जब संजय ने  पत्नी कमला से तलाक  की बात की तब कमला ने शर्तें रखी , अब आगे पढ़िए क्या संजय ...

सिक्स इडियट्स
by Manish Gode
  • 90

Copyright © 2021 Manish GodeAll rights reserved with the Author. No part of this book may be reproduced or used in any manner without the prior written permission of ...

विनाशकाले.. - अंतिम भाग
by Rama Sharma Manavi
  • 57

अंतिम अध्याय-------------///     गतांक से आगे…..   मनोहर को अपने व्यवसाय एवं रेखा से फुरसत ही नहीं थी,न विशेष दिलचस्पी थी रेवती में।किन्तु रेवती और आलोक का प्रेम काकी की ...

उस महल की सरगोशियाँ - 10
by Neelam Kulshreshtha
  • 87

एपीसोड - 10 वह रहस्यमय मुस्कान से मुस्कराईं थीं, "यही कहानी तो मैं आपको बताना चाह रही थी। राजा साहब ने इस दुर्घटना के बाद मिलट्री से रिटायरमेंट ले ...

इंसानियत - एक धर्म - 38
by राज कुमार कांदु
  • 69

मुनीर बड़ी देर तक उस उद्यान की मखमली घास पर बैठा पुलिस की गिरफ्त में आने से बचने के उपाय सोचता रहा । वह कई योजनाओं पर विचार कर ...

साजिश - 1
by padma sharma
  • 213

                           साजिश 1   नितिन पसीना पसीना होते हुए नींद से जाग गया। बहुत डरावना सपना था, लग रहा था कि कोई उसका गला पकड़ना चाहता था।   सर्दियों ...

काव्य में गृहीत सौन्दर्य और रसानुभूति
by Dr Mrs Lalit Kishori Sharma
  • 108

कवि कर्म की सार्थकता सौन्दर्य सृष्टि में है । सौन्दर्य एक अखण्ड वस्तु है , उसकी अनुभूति ही पराकाष्ठा को पहुँचकर रसनिष्पत्ति कहलाती है । सौन्दर्य तत्व का विश्लेषण ...

हारा हुआ आदमी (भाग 26)
by किशनलाल शर्मा
  • 264

"चाय,"निशा ने पति को जगाया था।"अरे चाय बना लायी?सब सामान किचन में मिल गया तुम्हे?"मिल गया तभी तो चाय बनाई है""आज मुझे ऑफिस जाना है।"चाय की चुस्की लेते हुए ...

बैंगन - 25
by Prabodh Kumar Govil
  • 501

दोपहर को हम लोग काफ़ी देर बाज़ार में चहल कदमी कर लेने के बाद कोई ऐसी जगह तलाश कर रहे थे जहां आराम से बैठकर खाना खा सकें। प्रायः ...

छुट-पुट अफसाने - 28
by Veena Vij
  • 126

एपिसोड---28   एक नव ब्याहता प्रेमी- युगल जब बाकि दुनिया को पीछे छोड़ गगन-चुम्बी धवल पर्वतों की ऊंचाइयों को छू रहा हो और सामने केवल नील गगन बाहें पसारे ...

चाहत - 2
by sajal singh
  • 207

 पार्ट -2                                                        ...

60 डेज - 2
by S Sinha
  • 270

 भाग 2   पिछले अंक में आपने पढ़ा संजय शादी के कुछ वर्षों बाद उसके ऑफिस में उसके साथ पढ़ने वाली लड़की ने ज्वाइन किया  , अब आगे पढ़िए। ... ...

उस महल की सरगोशियाँ - 9
by Neelam Kulshreshtha
  • 180

एपीसोड – 9 अंदर जाते ही गेरूआ रंग का महल दिखाई देने लगा था । किसने सोचा था उस फ़ाटक के पार इतना भव्य महल होगा। महल के मुख्य ...

इंसानियत - एक धर्म - 37
by राज कुमार कांदु
  • 129

असलम ने रजिया के हाथ से पानी का गिलास थामते हुए रहमान चाचा की तरफ देखा । उनके चेहरे के भाव बदले हुए थे । वह उनके चेहरे के ...

हारा हुआ आदमी (भाग 25)
by किशनलाल शर्मा
  • 213

ढलता सूरज आग के लाल गोले से प्रतीत हो रहा था।पल पल आसमान का दृश्य बदल रहा था।धीरे धीरे आकाश का रंग सुर्ख लाल हो रहा था।धीरे धीरे सूरज ...

बैंगन - 24
by Prabodh Kumar Govil
  • 648

रात को एक ढाबे में खाना खाने के बाद मैं और तन्मय पुष्कर से निकल कर जाती उस वीरान सड़क पर बहुत देर तक घूमते रहे जो इन दिनों ...

सौन्दर्य का लक्षण
by Dr Mrs Lalit Kishori Sharma
  • 114

मानव जीवन और सौन्दर्य बोध सृष्टि के आदिकाल में जब से मानव ने प्रकृति के सान्निध्य में रहकर चेतना का विकास किया है , सौन्दर्य के प्रति उसका निरन्तर आकर्षण ...

छुट-पुट अफसाने - 27
by Veena Vij
  • 144

एपिसोड---27 यादों के अनवरत सिलसिले अब तो आगे बढ़ रहे हैं। भविष्य की उर्वरा धरती में "होनी" के बीज तो डल गए थे।क्योंकि जो होने वाला होता है उसकी ...

उस महल की सरगोशियाँ - 8
by Neelam Kulshreshtha
  • 369

एपीसोड - 8 "कोई ख़ास नहीं। "वह राजमाता के प्रश्न को टाल जाती है। वह नहीं बताती कि अक्सर आगरा के बाज़ारों में मटमैली साड़ी में, बिखरे बालों में ...

60 डेज - 1
by S Sinha
  • 453

भाग 1    कहानी - 60  डेज    संजय , कमला और तृषा तीनों दिल्ली के मशहूर कॉलेज में पढ़ने आये थे  . यह कॉलेज दिल्ली ही नहीं देश ...

कालिदास के काव्य में सौंदर्य विधान एक समीक्षा
by Dr Mrs Lalit Kishori Sharma
  • 102

परम माननीयl डॉ ललित किशोरी शर्मा जी वंदन अभिनंदन आपके चिंतन की धरोहर ----कालिदास के काव्य में सौंदर्य विधान---नामक पुस्तक पठन हेतु प्राप्त हुई पठन के दौरान बहुत सारे नवीन ...

वो अनकही बातें - भाग - 3
by RACHNA ROY
  • 552

शालू ने खिड़की के पास जाकर देखा तो बारिश रुक गई  थी। तभी शालू बोली मुझे जाना होगा । समीर ने कहा हां ठीक है मैं तुम्हें घर छोड़ ...

एक लड़की की कहानी मेरी ज़ुबानी - 2
by Trishala_त्रिशला
  • 549

 मेरी हिम्मत नहीं पड़ रही है कि मैं उस से सच कहूं कि वो अब कभी भी अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो सकेगा और धीरे-धीरे mental condition भी ...

बर्थ डे पार्टी
by Anita Sinha
  • 543

           बर्थ डे पार्टी   शाम के करीब छः बज रहे थे। आज वक्त कुछ ठहरा हुआ   लग रहा था मुझे ।और हो भी ...

बैंगन - 23
by Prabodh Kumar Govil
  • 645

भाई ने अपने पुलिस वाले मित्रों से कह कर तन्मय को तुरंत छुड़वा दिया और मामला रफा- दफा करवा दिया। वह घर पहुंच गया। मैं जानता था कि बेचारे ...

छुट-पुट अफसाने - 26
by Veena Vij
  • 189

एपिसोड---26 ‌‌   कि जनवरी की एक सर्द सुबह भैया के साथ कोई सीढ़ियां चढ़कर ऊपर आ रहा था । देखा वे आर.के.स्टूडियो पहलगांव वाले थे। आश्चर्यचकित थी, अप्रत्याशित ...