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बेनज़ीर - दरिया किनारे का ख्वाब - 33 - अंतिम भाग
by Pradeep Shrivastava
  • 342

भाग - ३३ मेरेअब कई-कई घंटे, कई-कई दिन, ऐसे ही दीवार के उस पार ज़ाहिदा के परिवार को सोचते-सोचते गुजरते जा रहे थे। मुन्ना भी अक्सर ऐसी रातों के ...

स्वतंत्र सक्सेना की कहानियाँ - 6
by बेदराम प्रजापति "मनमस्त"
  • 180

                     अरे दौरियो बचाईयो।                                                   स्‍वतंत्र कुमार सक्‍सेना   अरे दौरियो बचाईयो। ओ पनबेसुर।। कक्‍कू का घर गिर गया था दो तीन दिन की घनघोर वर्षा का ...

एक दुनिया अजनबी - 33
by Pranava Bharti
  • 162

एक दुनिया अजनबी 33- "ये भी एक अलग कहानी है दीदी ---"संकोच से वह चुप हो गई थी लेकिन उसे सब कुछ खुलकर बताना था, वह चाहती थी कि ...

भारत के गावों में स्वतंत्रा संग्राम - 3
by Brijmohan sharma
  • 66

3 रोलट ऐक्टसन १९१९ में अंग्रेजी शासन ने ऐक खतरनाक कानून “ रोलट ऐक्ट “ पास कर दिया जिसके अनुसार वे किसी भी भारतीय को बिना कारण बताऐ, कभी ...

अनमोल सौगात - 3
by Ratna Raidani
  • 186

भाग ३ रवि के पिता बृजभूषण मैनी का तबादला कुछ दिनों पहले ही जबलपुर में हुआ था। वे उसी डिपार्टमेंट में जूनियर पद पर थे जहाँ नीता के पिता ...

अजीब दास्तां है ये.. - 6
by Ashish Kumar Trivedi
  • 216

(6) मुकुल अपने और रेवती के रिश्ते को लेकर दुविधा में पड़ गया था। समझ नहीं पा रहा था कि क्या करे। वह रेवती को प्यार करने लगा था। ...

मेरा पति तेरा पति - 3
by Jitendra Shivhare
  • 327

3 सबकुछ सामान्य भी हो जायेगा। किन्तू दिपिका के साथ हुये अन्याय का हिसाब हम सभी को कभी न कभी तो देना ही होगा। उसकी तड़प और आंखों से ...

कोड़ियाँ - कंचे - 6
by Manju Mahima
  • 951

Part- 6 आज बलदेव की परीक्षा थी, ऐसा लग रहा था. बलदेव क्या बताए क्या न बताए...बिचारी गौरी ने यह सवाल इतने सालों में एक बार भी नहीं पूछा. ...

यादों के झरोखों से-निश्छल प्रेम (6)
by Asha Saraswat
  • 180

                 मातृभारती के सभी सदस्यों और पाठकों को मेरा नमस्कार ? यादों के झरोखों से —निश्छल प्रेम (1),(2),(3),(4),(5)आपने पढ़ी कैसी लगी रेटिंग ...

बेनज़ीर - दरिया किनारे का ख्वाब - 32
by Pradeep Shrivastava
  • 336

भाग - ३२ मुन्ना की बात सुनकर मैंने सिर ऊपर किया। आंखों में भरे आंसुओं को पोंछती हुई बोली, 'लेकिन उन्होंने जिस श्रृंगार की बात की है, वह तो ...

अजीब दास्तां है ये.. - 5
by Ashish Kumar Trivedi
  • 342

(5) मुकुल अपने एक दोस्त नमित के साथ एक पार्टी में गया था। पार्टी नमित के कज़िन के नए घर के गृह प्रवेश के अवसर पर रखी गई थी। ...

स्वतंत्र सक्सेना की कहानियाँ - 5
by बेदराम प्रजापति "मनमस्त"
  • 228

                                        बंझटू                                                                                                                                     स्‍वतंत्र कुमार सक्‍सेना   आज नौनी बऊ की बहू आई राम रती। नौनी बऊ के एक पुत्र

भारत के गावों में स्वतंत्रा संग्राम - 2
by Brijmohan sharma
  • 72

2 १८५७ का गदरदेश की आम जनता के साथ हिंदुस्तान के रजवाडो व अंग्रेजी सेना के भारतीय सैनिको में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध विद्रोह पनप रहा था। अंग्रेज चाहे ...

एक दुनिया अजनबी - 32
by Pranava Bharti
  • 171

एक दुनिया अजनबी 32- सब सहम गए थे, मृदुला बिलकुल भी अपने पिता के पक्ष में नहीं थी | उन्हें देखकर वह पगला गई थी जैसे | उसकी माँ ...

अनमोल सौगात - 2
by Ratna Raidani
  • 174

भाग २ २० वर्षीय नीता बी.ए. फाइनल ईयर में पढ़ रही थी। अपने कॉलेज की टॉपर और अन्य गतिविधियों में भी हरफनमौला थी। खेल कूद का भी उसे बहुत ...

मेरा पति तेरा पति - 2
by Jitendra Shivhare
  • 405

2 गेस्ट रूम का द्वार वह बंद करना चाहती थी मगर कमलेश के बल के आगे उसकी एक न चली। वह बैड पर जा गिरी। कमलेश उसकी तरफ बढ़ने ...

कोड़ियाँ - कंचे - 5
by Manju Mahima
  • (11)
  • 849

Part-5 कार में एक लम्बी चुप्पी छाई हुई देख गायत्री जी ने सोचा कि क्यों नहीं अपनी कुछ यादें इन लोगों से ही शेयर की जाएं, बिचारे बोर हो ...

एक किस्सा ऐसा भी
by Smita
  • 447

छींटदार नीले रंग का पर्दा अपनी जगह पर व्यवस्थित हो चुका था. भगतजी(देवधर ) अपनी खटिया पर लेट चुके थे। अपने बेटे की पदचाप उन्हें साफ सुनाई दे रही ...

और उदासी छंट गई विस्तार वात्सल्य का
by Alka Agrawal
  • 327

निधि सुबह उठकर बाहर बरामदे में बैठकर अखबार पढ़ती है। बरसों से यहा नियम है, सुबह की चाय के साथ दोनों पति-पत्नी समाचारों का आनन्द लेते हैं। गर्मी में, ...

अनमोल सौगात - 1
by Ratna Raidani
  • 372

भाग १ "मम्मी मम्मी!" पवित्रा ने घर में घुसते हुए उत्साह से आवाज़ लगायी। किन्तु उसे घर का वातावरण कुछ बोझिल सा महसूस हुआ। मुकेश हमेशा की तरह टी.वी. ...

बालिश्तिया
by Deepak sharma
  • 291

बालिश्तिया सद्गुण प्रसाद का जाना तय हो चुका था| उसे रोडज़ छात्रवृत्ति मिल गयी थी| ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से उसकी टिकट भी खरीदी जा चुकी थी| पासपोर्ट वीज़ा ...

एक दुनिया अजनबी - 31
by Pranava Bharti
  • 246

एक दुनिया अजनबी 31- थक हारकर ये सभी उसी डॉक्टर के पास मृदुला को लेकर फिर से गए जहाँ उसको चैक करवाने ले गए थे और उस डॉक्टर के बारे में ...

ताज़िया
by आदित्य अभिनव
  • 276

                                         ताज़िया     प्रो. रामेश्वर उपाध्याय नित्य नियमानुसार वॉकिंग पर जाने ...

भारत के गावों में स्वतंत्रा संग्राम - 1
by Brijmohan sharma
  • 126

(ऐक अनकही दास्तान ) 1 ग्रन्थ की विशेषताएं:यह लघु उपन्यास ग्रामीण भारत में स्वतंत्रता व गांधीजी के आन्दोलन के प्रति अलख जगाने की लोमहर्षक अनकही दस्तान है I २ ...

बेनज़ीर - दरिया किनारे का ख्वाब - 31
by Pradeep Shrivastava
  • 429

भाग - ३१ मकान मालिक भी बहुत खिसियाए हुए से बोले, 'मैंने सोचा कि, आप लोग लंबा सफर करके आए हैं। उपद्द्रव में अलग परेशान हुए हैं। थके हुए ...

अजीब दास्तां है ये.. - 4
by Ashish Kumar Trivedi
  • 357

(4) बात खत्म करके रेवती ने मुकुल को अपने साथ आने को कहा। वह उसे लेकर कैफ़े के बाहर चली गई। कैफ़े के बगल में एक छोटा सा गेट ...

स्वतंत्र सक्सेना की कहानियाँ - 4
by बेदराम प्रजापति "मनमस्त"
  • 279

                              स्वतंत्र सक्सेना की कहानियाँ                                swatantr saxena ki kahaniyan        संपादकीय                                                      स्वतंत्र कुमार सक्सेना की कहानियाँ को पढ़ते हुये                    

मेरा पति तेरा पति - 1
by Jitendra Shivhare
  • 570

1 आधी रात में दरवाजे की बैल बज उठी। स्वाति ने कमलेश को जगाया। "सुनो! उठो! देखो बाहर कोई आया है।" "इतनी रात में कौन आया होगा।" कमलेश ने ...

कोड़ियाँ - कंचे - 4
by Manju Mahima
  • 960

Part-4 डॉक्टर ने सबको बताया, ‘उन्हें माइल्ड अटैक आया है, सो हमने प्रारम्भिक इलाज तो कर दिया है, अब इनको थोड़े आराम के बाद शहर ले जा कर जाँच ...

सुंदरा और नारली पूर्णिमा
by Ramesh Yadav
  • 189

सिंधुदुर्ग जिले में समुद्र किनारे बसे एक छोटे से गांव ओटव में मल्हारी और मैनावती नामक युवक और युवती रहते थे। वे दोनों कोली समाज से थे। कोली अर्थात ...