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तलाश - 6
by डा.कुसुम जोशी

#तलाश_6गतांक से आगे    पर मन को समझना कौन चाहता है, मन को समझते तो शमित से कोई शिकायत ही नही होती, मैं इन परिस्थिति में भी उनके साथ ...

विश्वासघात--भाग(२२)
by Saroj Verma
  • 294

दूसरे दिन साधना और मधु दोपहर के खाने पर लीला के घर पहुँचे और उसने सारा वृत्तांत साधना को कह सुनाया,ये सुनकर साधना को एक झटका सा लगा कि ...

सरहद - 4
by Kusum Bhatt
  • 213

4 संयोग से उस दोपहर ताऊ घर में ही थे, उन्हें जड़ी बूटियों की पहचान थी। गिलोय के डंठल को कूट कर उसमें मिश्री मिला कर छोटी के सूखे ...

खौलते पानी का भंवर - 14 - काँच के सपने (अंतिम भाग)
by Harish Kumar Amit
  • 177

काँच के सपने बाएं हाथ में उपहार के पैकेट को बड़े ध्यान से पकड़े हुए जब वह घर से निकला तो अंधेरा पूरी तरह छा चुका था. सधे हुए ...

विश्वासघात--भाग(२१)
by Saroj Verma
  • 555

लीला बुआ आज ही कह रहीं थीं कि अब समय आ गया है कि साधना आण्टी और मधु को सब सच..सच बता देना चाहिए,संदीप बोला।। तो क्या उन दोनों ...

उदास इंद्रधनुष - 1
by Amrita Sinha
  • 135

उदास इंद्रधनुष                                                           ************ रात के दस बजने वाले थे। कोमल सोने की तैयारी में लगी थी । सिरहाने  पानी की बोतल रख, कमरे की बत्ती ऑफ़ करने ही वाली थीकि मोबाइल बज उठा ।तेज़ गाने वाला कॉलर ट्यून कमरे की श

चैट बॉक्स.… - 6 - अंतिम भाग
by Anju Choudhary Anu
  • 363

भाग 6 शायद एक दिन मेरे काउन्टर पर किसी पेपर से उसने मेरी बर्थ-डेट देख ली थी तो वही खड़े खड़े उसने बातों में मेरा जन्म का वक़्त भी ...

खौलते पानी का भंवर - 13 - मौत
by Harish Kumar Amit
  • 201

मौत शाम को दफ़्तर से लौटकर घर आया तो ड्राइंगरूम से आ रही आवाज़ों को सुनकर ही समझ गया कि मंजु आ चुकी है. मंजु यानी मेरी पत्नी वीना ...

विश्वासघात--भाग(२०)
by Saroj Verma
  • 663

दूसरे दिन कुसुम की रिहर्सल शुरु हुई,बुआ बनने के लिए,नकली विग मँगाई गई,एक चश्मा मँगाया गया और एक सफ़ेद साड़ी भी मँगाई गई,जिसे पहनकर कुसुम तैयार हुई,अब समय था ...

सौतेला
by padma sharma
  • 294

सौतेला बगीचे में बैठा अनुराग विचारों में खोया हुआ था । पास ही बस्ता रखा हुआ था, रखा हुआ क्या था, बेतरतीबी से पड़ा था। किताबें-कॉपी बस्ते के बाहर ...

सरहद - 3
by Kusum Bhatt
  • 378

3 ‘‘माँ मैं अब पाठषाला नहीं जाऊँगी... मेरे पेट में बच्चा आ जायेगा.. तुम सब मेरी षादी उस गुन्डे से करा दोगे... मैं नहीं जाऊँगी पाठषाला...’’ टप-टप मेरे गरम ...

विश्वासघात--भाग(१९)
by Saroj Verma
  • 729

दूसरे दिन प्रदीप को कालेज मे मधु दिखी,मधु का रूपरंग पूरी तरह से बदला हुआ था,उसने आज सादी सी सूती साड़ी पहन रखी थी और लम्बे बालों की चोटी ...

Broken with you... - 7
by @njali
  • 525

अंजली चलो यहां क्यू बैठी हो अंधेरे में , चलो अभी तो तुमको बागीचे में जाने का वक्त मिला है  "" छोड़ दो तुम अब हमको नगमे दिलाने को, एक ...

चैट बॉक्स.… - 5
by Anju Choudhary Anu
  • 498

भाग 5 वंदना ने अपनी सिसकियों में बात को जारी रखते हुए कहा, , ...दीदी....मैंने अपने रेप की बात भाभी से करना चाहती थी...पर नहीं कर पाई...भाई को बताना ...

अतीत के चलचित्र (9)
by Asha Saraswat
  • 267

     अतीत के चलचित्र (9)        रीमा की दीदी रीमा से बहुत बड़ी थी क्योंकि रीमा अपने भाई-बहिनों में सबसे छोटी और दीदी सबसे बड़ी ।जब भी ...

खौलते पानी का भंवर - 12 - दलदल
by Harish Kumar Amit
  • 228

दलदल वार्षिक परीक्षा के लिए चार दिन पहले भरे अपने एग्जामिनेशन फॉर्म को वह अभी-अभी तीसरी बार अच्छी तरह जाँचकर आया है. फॉर्म देखते वक़्त वीरेन्द्र भी उसके साथ ...

चिता की आग
by Renu Hussain
  • 228

आंटी को पिछली बार अंकल के चौथे पे देखा था। जाने के समय जब मैंने हाथ जोड़कर उनसे विदा ली तो कहने लगीं,”तुम्हारे अंकल भी चले गए रेनू के ...

विश्वासघात--भाग(१८)
by Saroj Verma
  • 612

साधना और मधु की मोटर शक्तिसिंह जी के बँगलें के सामने रूकी,दोनों माँ बेटी ने ड्राइवर से कहा कि पहले दरबान से पूछकर आओ कि ये शक्तिसिंह जी का ...

खौलते पानी का भंवर - 11 - औक़ात
by Harish Kumar Amit
  • 201

औक़ात बड़ी हीनता-सी महसूस हो रही है उसे. अपना अस्तित्व उसे मखमली चादर पर लगे टाट के पैबंद जैसा लग रहा है. हँसते-मुस्कुराते चेहरे, अभिजात्य मुस्कानें, कीमती कपड़े, जेवर ...

विश्वासघात--भाग(१७)
by Saroj Verma
  • 570

जब सबने सुना कि साधना बुझी बुझी सी रहती है तो ये सुनकर किसी को अच्छा नहीं लगा,रात को जब लीला और शक्तिसिंह जी अपने कमरें थे तब उनके ...

सरहद - 2
by Kusum Bhatt
  • 480

2 अकेले पाठषाला जाना किस कदर डरावना था- जंगली जानवरों का खतरा, गाड़-गदेरों का बरसात में उफान, ऊपरी बलाओं का अंदेषा और सबसे ज्यादा डर मनुश्य नाम के प्राणी ...

चैट बॉक्स.… - 4
by Anju Choudhary Anu
  • 669

भाग 4 २७ की उम्र में भी मेरी हर हरकत अब मुझे १७-१८ साल की लकड़ी जैसी लगती थी पर मेरी सब शंकाएँ,नितिन को लेकर मेरा लंबा सा इंतज़ार ...

खौलते पानी का भंवर - 10 - शराफ़त
by Harish Kumar Amit
  • 348

शराफ़त भागकर लोकल बस में चढ़ने के बाद जब उसने कंडक्टर से टिकट ले ही ली है, तो पोजीशन लेने के लिए वह इधर-उधर नज़रें दौड़ाने लगा है. पिछले ...

विश्वासघात--भाग(१६)
by Saroj Verma
  • 843

शक्तिसिंह और संदीप जैसे ही घर पहुँचे, उन्होंने सारा वाक्या लीला और कुसुम को सुनाया,सब खूब हँसें।।      बरखुरदार! बहुत बचें,अगर मोनिका डाँन्स के लिए ले जाती तो बेटा ...

आला जी
by Renu Hussain
  • 426

घर में राहत का माहौल काफ़ी लम्बे अरसे बाद बना था। दरअसल बहुत दिनों बल्कि महीनों बाद रसोईया अलाउद्दीन अपने गांव से लौट रहा था। उसे उपनाम ’’आला’’ जी ...

सरहद - 1
by Kusum Bhatt
  • 594

1 चीड़ के पेड़ों की टहनियां तेज हवा के दबाव से जोरां से हिलती हैं सायं-सायं के कनफोडू षोर से काँंप उठती हूँ। इन चीड़ों से ढेर सूखी पिरूल ...

विश्वासघात--भाग(१५)
by Saroj Verma
  • 813

दूसरे दिन प्रदीप को मधु फिर से काँलेज में दिखीं और प्रदीप से उससे फिर से बात करने की कोशिश की और बोला चलों कुछ देर कैंटीन में चलकर ...

चैट बॉक्स.… - 3
by Anju Choudhary Anu
  • 729

भाग ३ पाँच सालों के दौरान मुझे बहुत सी बुक्स पढ़ने, टीवी देखने और समझने का मौका मिला, भाई मुझे बुक्स लाकर देते,मैं पढ़ती और पढ़ कर उन्हें वापिस ...

मूकदर्शक
by किशनलाल शर्मा
  • 375

उस दिन होली थी।होली का त्यौहार पहले प्रेम का प्रतीक समझा जाता था।औरत आदमी,बच्चे बूढ़े सब होली के रंग में मस्त एक दूसरे पर रंग डालते,गुलाल लगाते।पर अब होली ...