Best Social Stories stories in hindi read and download free PDF

30 शेड्स ऑफ बेला - 1
by Jayanti Ranganathan

30 शेड्स ऑफ बेला (30 दिन, तीस लेखक और एक उपन्यास) संपादक: जयंती रंगनाथन बेला… तुम्हें आना ही था… (भूमिका) हुआ कुछ यूं कि पहली अप्रैल को जब डॉक्टर ...

यारबाज़ - 1
by Vikram Singh

यारबाज़ विक्रम सिंह (1) उन तमाम बेरोजगार वह कलाकार साथियों को जो अपनी मंजिल ना पा सके जिसके वे हकदार थे युवा कथाकार विक्रम सिंह ने हाल‌ के वर्षों ...

चाँद के पार एक चाबी - 4
by Avadhesh Preet
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चांद के पार एक कहानी अवधेश प्रीत 4 ‘ओह, तो ये बोलिए न!’ पिन्टू इस बार सचमुच मुस्कराया। तारा कुमारी मुस्कराई नहीं। लेकिन उसके मुखमंडल पर व्याप्त चंचलता गजब ...

कुछ गाँव गाँव कुछ शहर शहर - 6
by Neena Paul
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कुछ गाँव गाँव कुछ शहर शहर 6 सरोज सर रिचर्ड के कारखाने में प्रेस का काम करती है। वह जब से ब्रिटेन आई है बड़ा कठिन परिश्रम कर रही ...

घर चले गंगाजी?
by Priyadarshan Parag
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घर चले गंगाजी? प्रियदर्शन गंगा जी बेहद मामूली आदमी हैं- इतने मामूली कि उनकी कहानी नहीं बन सकती। इसके बावजूद मैं उनकी कहानी लिखने बैठा हूं। क्या यह मेरा ...

राम रचि राखा - 3 - 1
by Pratap Narayan Singh
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राम रचि राखा तूफान (1) "वापस होटल चलें? देखो सब लोग निकलने लगे हैं। लगता है पार्क बंद होने का समय हो गया है।" विक्टोरिया मेमोरियल के उद्यान में एक पेड़ के ...

पिंडदान
by Ratna Raidani
  • 148

सुबह के रोज़मर्रा के कार्यों के बाद जैसे ही फुर्सत मिली और मैंने अपने मोबाइल फ़ोन पर नज़र घुमाई तो पाया कि तीन चार मिस्ड कॉल्स और व्हाट्सएप्प पर ...

केसरिया बालम - 18
by Hansa Deep
  • 143

केसरिया बालम डॉ. हंसा दीप 18 केसरिया से केस कानून का खेल शुरू हो गया था। जब कानून बोलता है तो सब बोलते हैं, अदालत में वकील बोलते हैं, ...

जननम - 14
by S Bhagyam Sharma
  • 167

जननम अध्याय 14 रघुपति के पास से पत्र आया, और दो दिन में आ जाऊंगा। मुंबई से चेन्नई हवाई जहाज से आकर वहां से बस के द्वारा गुरुवार के दिन ...

एक और परी-वृतान्त
by Deepak sharma
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एक और परी-वृतान्त अपने पिता और निम्मो आंटी की इस पच्चीसवीं वर्षगाँठ पर हम जुड़वाँ बहनों को अनायास ही एक पुरानी लोकोक्ति ही याद आ जाती है, 'किसी भी ...

वो बेचारा सा बड़ा आदमी ....
by व्योमेश
  • 40

 व्योमवार्ता/ कहानी,   वो बेचारा सा बड़ा आदमी................                                                  ...

पूर्ण-विराम से पहले....!!! - 8
by Pragati Gupta
  • 413

पूर्ण-विराम से पहले....!!! 8. न जाने कितनी देर तक मैं प्रीति के कमरे के बाहर खड़ा रहा| उस समय डॉक्टर द्वारा बताया हुआ मृत्यु का अनिश्चित समय मुझे अंदर ...

गवाक्ष - 14
by Pranava Bharti
  • 150

गवाक्ष 14 निधी के चेहरे पर प्रश्न पसरे हुए थे, ह्रदय की धड़कन तीव्र होती जा रही थी। कुछेक पलों पूर्व वह अपनी साधना में लीन थी और अब---एक ...

आधा आदमी - 29
by Rajesh Malik
  • 149

आधा आदमी अध्‍याय-29 यह सब देख कर मैं अपना आपा खो बैठी, ‘‘भौसड़ी के खिलवा टाक के गुरू के गिरिये पर मुँह मारेगी.‘‘ कहकर मैं इसराइल की तरफ़ मुख़ातिब ...

होने से न होने तक - 50
by Sumati Saxena Lal
  • 258

होने से न होने तक 50. न जाने कितनी संस्थाओं से जुड़े हैं यह अध्यक्षा और प्रबंधक । एक की चॉद पर दूसरे का रजिस्टर भरता है। इस विद्यालय ...

हार गया फौजी बेटा - 2
by Pradeep Shrivastava
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हार गया फौजी बेटा - प्रदीप श्रीवास्तव भाग 2 उस रात मैं बड़ी गहरी नींद सोया था। इसलिए नहीं कि मुझे सुकून का कोई कतरा मिल गया था। सोया ...

वानप्रस्थ संकुल समय की मांग हैं : इसे अन्यथा न लें
by Meenakshi Dikshit
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लगभग एक दशक पूर्व हम केन्द्रीय सेवा के एक उच्चाधिकारी के घर किराये पर रहने गए। उस कोठीनुमा घर के पीछे वाले भाग में  दो कमरों  का निर्माण किराये ...

ये कैसा इश्क
by Prahlad Verma
  • 352

ये कहानी है राधिका की है जो एक लड़के से एक एप्प के माध्यम से प्यार करने लग जाती हैं जब राधिका को पता चलता है कि वो लड़का ...

वो 22 दिन
by Vandana Gupta
  • 289

वो 22 दिन “किसे ज्यादा प्यार करती है मम्मी को या बाऊजी को ?” “मम्मी को” एक अबोध बालक का वार्तालाप जिसे प्यार के वास्तविक अर्थ ही नहीं मालूम ...

अफवाहों के शिकार मासूम - अफवाह
by रनजीत कुमार तिवारी
  • 123

प्रिय पाठकों मेरा सादर प्रणाम मैं रनजीत तिवारी आप सबके बीच ऐसी घटनाओं का वर्णन करने वाला हूं। जिससे आपकी यादों में ताजगी आएगी और आप उस दिन को ...

सेंधा नमक - 5 - अंतिम भाग
by Sudha Trivedi
  • (14)
  • 326

सेंधा नमक सुधा त्रिवेदी (5) रवि की गवाही पर राजबाला जी को गिरफ्तार किया गया है और फिर तो इंवेस्टिगेशन के बाद राज खुलते गए उन तमाम लडकियों के, ...

मेरा स्वर्णिम बंगाल - 2
by Mallika Mukherjee
  • 148

मेरा स्वर्णिम बंगाल संस्मरण (अतीत और इतिहास की अंतर्यात्रा) मल्लिका मुखर्जी (2) हृदयोक्ति आमार सोनार बांग्ला, आमि तोमाय भालोबासि। चिरोदिन तोमार आकाश, तोमार बातास, आमार प्राणे बाजाय बाँशि। मेरे ...

उर्वशी - 17
by ज्योत्सना कपिल
  • (18)
  • 710

उर्वशी ज्योत्स्ना ‘ कपिल ‘ 17 उस समय तो शौर्य ने जो मुँह में आया कह दिया, पर गुस्सा शांत होते ही उसे अहसास हो गया था कि सिर्फ ...

उन्हें मुक्ति मिल गई
by Sudha Adesh
  • 163

                   उन्हें मुक्ति मिल गई पूजा अपना अतीत पीछे छोड़कर इस शहर में नये सिरे से अपनी जिंदगी प्रारंभ करने आई थी ...

और क्या चाहिए
by r k lal
  • (14)
  • 483

और क्या चाहिए आर0 के0 लाल                       उस दिन परीक्षा कराने मैं एक परीक्षा केंद्र पर ऑब्जर्वर के रूप में गया था जहां प्रांगण के दूसरे किनारे ...

कुछ गाँव गाँव कुछ शहर शहर - 5
by Neena Paul
  • 92

कुछ गाँव गाँव कुछ शहर शहर 5 सामने ही निशा का घर दिखाई दे रहा था। एक सर्द हवा के झोंके के साथ जब बादलों ने गरज कर जोर ...

जय हिन्द की सेना - 1
by Mahendra Bhishma
  • 213

जय हिन्द की सेना महेन्द्र भीष्म एक सुबह मुँह अंधेरे अटल दा ने मुझे झकझोर कर जगा दिया। घर के सभी लोग अस्त—व्यस्त से कहीं जाने की तैयारी में ...

सुरक्षा
by Asha Pandey Author
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सुरक्षा प्लेटफार्म नंबर एक के यात्रियों के लिये बनी बेंच पर वह बैठी है | उम्र कोई पच्चीस से अट्ठाईस के आस पास | आखें बड़ी और भाव प्रवण ...

राम रचि राखा - 2 - 2
by Pratap Narayan Singh
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राम रचि राखा गोपाल (2) “गोपाल अब पढ़ाई करने लगा है।“ ऐसा चन्दू लोगों से कहते थे। वास्तव में गोपाल को अभी भी शब्द ज्ञान नहीं हो पाया था। हाँ ...

समंदर और सफेद गुलाब - 3 - 2
by Ajay Sharma
  • 77

समंदर और सफेद गुलाब 2 इस बीच राहुल ने मेरा पासपोर्ट बनवाकर मुझे अमेरिका भेज दिया। कुछ दिन लगे थे आपरेशन होने को। आपरेशन कामयाब हुआ था। जिस दिन ...